उद्यमिता एवं सतत विकास" विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का उद्घाटन संपन्न
गोंडा : कृत्रिम बुद्धिमत्ता (यंत्र प्रज्ञा) दक्षता आज समय की मांग बन चुकी है उक्त बातें श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के ललिता सभागार में बी बी ए विभाग एवं आइक्यूएसी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलपति, मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय प्रोफेसर रवि शंकर सिंह ने कहीं उन्होंने व्यापार एवं अर्थव्यवस्था के भविष्य को संवारने में ए आई, उद्यमिता एवं सतत विकास पर प्रकाश डालते हुए भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में युवाओं की भूमिका पर बोलते हुए कहा ए आई में दक्ष होकर युवा पीढ़ी भारतवर्ष को विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है l कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. संजय मेधावी एक्स रजिस्टर, डीन फैकल्टी ऑफ़ मैनेजमेंट लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपने उद्बोधन में उद्यमिता, सतत विकास में भारत के बढ़ते कदम पर अपने विचार व्यक्त किया वहीं लखनऊ विश्वविद्यालय के अनूप सिंह. अध्यक्ष डामा , न्यूजीलैंड, ट्रिपल आईआईटी प्रयागराज,प्रो रणजीत सिंह एवं केएमसी लैंग्वेज यूनिवर्सिटी लखनऊ के प्रो नीरज शुक्ला ने विशिष्ट अतिथि ने ए आई बेस्ड ऑन आई के एस पर अपना व्याख्यान दिया l प्रभारी प्राचार्य प्रो बीपी सिंह ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया , आइक्यूएसी के समन्वयक व इस अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के संयोजक प्रोफेसर जितेंद्र सिंह ने अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ,स्मृति चिन्ह एवं अंग वस्त्र भेंट कर किया तथा कांफ्रेंस की उपयोगिता पर विचार व्यक्त किया ।सेमिनार की संयोजक डॉ शैलजा सिंह ने सेमिनार के मुख्य विषय की रूपरेखा पर प्रकाश डाला वही डॉ स्मृति शिशिर ने मंच संचालन किया l प्रो राजीव अग्रवाल,प्रो संजय पांडेय, प्रो ,मंसाराम , प्रो अभय श्रीवास्तव, प्रो जितेंद्र पाल, प्रो. शशिबाला ,प्रो जयशंकर तिवारी, प्रो अरविंद कुमार शर्मा ,डॉ रेखा शर्मा ,डॉ चमन कौर,डॉ संतोष श्रीवास्तव ,शिशिर त्रिपाठी , डॉ वंदना भारतीय,डॉ प्रतिभा सिंह, डॉ स्मिता सिंह, डॉ मुक्ता टंडन का सहयोग सराहनीय रहा। इस अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में देश विदेश के 400 से अधिक डेलीगेट प्रतिभाग कर रहे है।
रिपोर्टर : राजेश कुमार जायसवाल

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