रामायणकालीन विरासत को मिलेगा नया स्वरूप
गोंडा - रामायणकालीन आस्था और सांस्कृतिक विरासत को संजोने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए जनपद गोंडा के तरबगंज क्षेत्र स्थित त्रेतायुगीन श्री अष्टावक्र ऋषि आश्रम रामघाट के पर्यटन विकास की योजना शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास योजना के तहत इस परियोजना के लिए 66.86 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि प्रथम चरण के लिए 50 लाख रुपये जारी कर निर्माण कार्य की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) को सौंपी गई है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह स्थल भगवान श्रीराम की आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण तीर्थ है। इसके विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 की पहली तिमाही में गोंडा जनपद में 3.41 लाख से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा रामघाट
परियोजना के अंतर्गत रामघाट परिसर में बहुउद्देशीय हॉल,भ्रमण पथ,आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, बैठने की विशेष व्यवस्था तथा ध्यान एवं योग के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही क्यूआर कोड युक्त साइनेज लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन करते ही श्रद्धालु अपने मोबाइल पर तीर्थ स्थल का इतिहास, धार्मिक महत्व और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे। भगवान श्रीराम से जुड़ी है पौराणिक मान्यता जनश्रुति के अनुसार वनवास से लौटने के बाद भगवान श्रीराम ने अश्वमेध यज्ञ के दौरान अष्टावक्र ऋषि को आमंत्रित किया था। ऋषि ने बताया कि आश्रम से तीन कोस दूर सरयू नदी से जल लाना पड़ता है। इस पर भगवान श्रीराम ने बाण चलाकर सरयू की जलधारा आश्रम तक पहुंचा दी, जिसे बाद में बरसोत धारा के नाम से जाना गया। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने यहीं स्नान किया और ऋषि अष्टावक्र का यज्ञ संपन्न कराया। तभी से यह स्थान रामघाट के नाम से प्रसिद्ध है। रामायण सर्किट का बनेगा प्रमुख आस्था केंद्र अयोध्या से लगभग एक घंटे की दूरी पर स्थित अमदही ग्राम पंचायत का यह प्राचीन आश्रम अब रामायण सर्किट का महत्वपूर्ण पड़ाव बनने जा रहा है। इसके विकास से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक वातावरण का अनूठा अनुभव मिलेगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार "विकास भी, विरासत भी" के संकल्प के साथ पौराणिक धरोहरों का संरक्षण कर धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
रिपोर्टर - शिवराम पांडे
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