बीमारी के उपचार संग नशे का नाश कर रहे डॉ. राजेश
गोंडा : अस्पताल आने वालों की बदलने लगी जिंदगी, 500 से अधिक लोगों की छुड़वा चुके हैं शराब के नशे की लत, जिंदगी जीने की दिखाते हैं राह नशे में न सिर्फ इंसान का पैसा बर्बाद होता है, बल्कि उसकी समझ की शक्ति भी कम होती है। स्वस्थ शरीर धीरे-धीरे बीमारी की चपेट में आने लगता है। नशा मनुष्य की आत्मा को सुन्न कर देता है और उसकी सोचने-समझने की शक्ति को खत्म कर देता है। इसलिए जरूरी है कि बीमारी के उपचार के साथ नशे का भी नाश हो। इसी सिद्धांत को लेकर डॉ़ आरएन पांडेय हॉस्पिटल के संचालक डॉ़ राजेश पांडेय नशा मुक्ति का अभियान चला रहे हैं।
अस्पताल में आने वाले नशा रोगियों की जिंदगी अब बदलने लगी है। काउंसलिंग करके लोगों का नशे की लत छोड़ने में मदद की जाती है। खास बात यह है कि 500 से अधिक कैसे लोग हैं, जिन्होंने डॉक्टर के प्रभाव में आकर नशा छोड़ा है। यह वह संख्या है जो अभी डॉक्टर के संपर्क में हैं। नशा छोड़ने वालों की संख्या 1000 से अधिक होने का दावा किया जा रहा है।
ऐसे शुरू की मुहिम: डॉ़ राजेश पांडेय बताते हैं कि करीब पांच वर्ष पहले एक मरीज बहुत गंभीर अवस्था में ओपीडी में पहुंचा। शराब के कारण उसका लीवर खराब हो चुका था। उपचार शुरू किया गया, लेकिन शराब की लत के कारण उसने अपनी पूंजी पहले ही गंवा दी थी। पैतृक संपत्ति भी भेज दी थी। घर में भी कुछ नहीं था। पत्नी, तीन बेटियां व एक बेटा था। करीब तीन लाख रुपए उपचार में लगा, जिसका पूरा खर्च अस्पताल नहीं उठाया। उसके उपचार के दौरान ही मन में संकल्प लिया कि आगे से अस्पताल आने वाले मरीजों को नशा मुक्त कराऐंगे। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत का कोई एक कारण नहीं है। कई लोग मित्रों के कहने पर नशा शुरू करते हैं तो कुछ अवसाद में नशा करते हैं। कई लोग ऐसे भी होते हैं जो शौक में नशा करने लगते हैं। ऐसे ही कई अन्य कारण भी काउंसलिंग में सामने आते हैं। परिवार व समाज को नाश करने वालों को बहिष्कृत नहीं करना चाहिए बल्कि, नशे से बाहर निकलने में उनकी मदद करनी चाहिए।
नशा छोड़ने वालों का करते हैं निशुल्क उपचार: खास बात यह है कि उनके प्रयास से नशा छोड़ने वाले मरीज से ओपीडी में दिखाने का शुल्क नहीं लिया जाता है। वह कभी भी चिकित्सक को दिखाकर दवा ले सकते हैं। काउंसलिंग की जाती है और बेहतर भविष्य के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में भी डॉ़ राजेश पांडेय मदद करते हैं।
रिपोर्टर : राजेश कुमार जायसवाल
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