जिलाधिकारी ने सरस मेले में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों का किया अवलोकन
गोंडा - गांधी पार्क टाउनहॉल परिसर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘सरस मेला’ में जनपद के 35 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा विभिन्न प्रकार के उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। मेले का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाना तथा उनके लिए विपणन के अवसर उपलब्ध कराना है। जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने सरस मेले का अवलोकन कर महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की जानकारी ली और विभिन्न सामग्रियों की खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेले में लगाए गए सभी स्टॉलों पर पहुंचकर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद किया तथा उनके द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता, उपयोगिता और निर्माण प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्राप्त की। स्टॉलों पर गोबर से निर्मित मूर्तियां, विभिन्न प्रकार के अचार एवं मसाले, सहजन के फल का पाउडर, फेसवॉश, साबुन, घरों में उपयोग किए जाने वाले कवर, कढ़ाईयुक्त कपड़े तथा विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री सहित अनेक उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों में रुचि दिखाई और खरीदारी कर उनके कार्यों को प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपायुक्त, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीसी एनआरएलएम) श्री जे.एन. राव को निर्देशित किया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की बिक्री के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, उनकी मांग बढ़ाने तथा बिक्री के उचित अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे महिलाओं को अपने उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उनके उत्पादों के विपणन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि करने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।
सरस मेला ग्रामीण महिलाओं की प्रतिभा, कौशल और उद्यमशीलता को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां वे अपने उत्पादों को आमजन तक पहुंचाने के साथ-साथ नए बाजारों से जुड़ने के अवसर भी प्राप्त कर सकती हैं। जिलाधिकारी के अवलोकन एवं प्रोत्साहन से मेले में प्रतिभाग कर रही महिलाओं का उत्साहवर्धन हुआ। एनआरएलएम के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने तथा उनके उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करने के प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
रिपोर्टर - राजेश कुमार जायसवाल

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