गोण्डा में चार जनपदों के राजस्व अधिकारियों का मंडल स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न
गोंडा : गोण्डा में अध्यक्ष राजस्व परिषद बाबूलाल मीणा के मार्गदर्शन में मण्डलायुक्त देवीपाटन मण्डल दुर्गा शक्ति नागपाल की आयोजित प्रशिक्षण कार्येक्रम में गोण्डा, बलरामपुर, बहराइच एवं श्रावस्ती जनपदों के राजस्व पीठासीन अधिकारियों का मंडल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट सदस्य (न्यायिक), उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद संजय यादव द्वारा राजस्व अधिकारियों को विभिन्न महत्वपूर्ण राजस्व धाराओं के विधिक प्रावधानों, न्यायिक प्रक्रियाओं तथा राजस्व वादों के प्रभावी एवं विधिसम्मत निस्तारण की व्यावहारिक बारीकियों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजस्व से संबंधित महत्वपूर्ण धाराओं 34, 67, 24, 116, 144, 80, 38, 128 एवं 66 पर विस्तार से चर्चा की गई। विशिष्ट सदस्य (न्यायिक) संजय यादव ने संबंधित धाराओं के अंतर्गत वादों की प्रकृति, अधिकार क्षेत्र, वाद प्रस्तुत करने की प्रक्रिया, पक्षकारों को सुनवाई का अवसर प्रदान करने, राजस्व अभिलेखों के परीक्षण, साक्ष्यों के मूल्यांकन तथा विधिसम्मत आदेश पारित करने की प्रक्रिया के संबंध में अधिकारियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालयों में प्रकरणों का निस्तारण करते समय संबंधित अधिनियमों एवं नियमों के प्रावधानों का गहन अध्ययन आवश्यक है। प्रत्येक वाद में उपलब्ध अभिलेखों, साक्ष्यों एवं पक्षकारों के तथ्यों का निष्पक्ष परीक्षण करते हुए नियमानुसार निर्णय लिया जाना चाहिए। न्यायिक आदेश स्पष्ट, तर्कसंगत एवं विधिक आधार पर आधारित होने चाहिए, जिससे न्यायिक प्रक्रिया की गुणवत्ता बनी रहे तथा अनावश्यक अपील एवं पुनर्वाद की स्थिति से बचा जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के प्रभावी प्रबंधन, सुनवाई की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने, अभिलेखों के अद्यतन एवं समुचित रखरखाव तथा निर्धारित समयावधि में प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली में विधिक शुद्धता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
इस अवसर पर मण्डलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि राजस्व न्यायालय आम नागरिकों को न्याय उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण व्यवस्था हैं। भूमि एवं राजस्व संबंधी विवाद सीधे आमजन के हितों एवं अधिकारों से जुड़े होते हैं। ऐसे में पीठासीन अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे प्रत्येक प्रकरण में पूरी निष्पक्षता, संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करें तथा किसी भी पक्ष के साथ अन्याय की स्थिति उत्पन्न न होने दें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व वादों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब न किया जाए। प्रत्येक मामले में निर्धारित विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए पक्षकारों को सुनवाई का पर्याप्त अवसर दिया जाए तथा तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर गुणवत्तापूर्ण, स्पष्ट एवं तर्कसंगत आदेश पारित किए जाएं। उन्होंने कहा कि केवल वादों की संख्या कम करना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक वाद का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विधिसम्मत निस्तारण सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
मण्डलायुक्त ने कहा कि राजस्व अधिकारियों को समय-समय पर विधिक प्रावधानों एवं न्यायिक प्रक्रियाओं की अद्यतन जानकारी प्राप्त करते रहना चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव का उपयोग अपने दैनिक न्यायिक कार्यों में करते हुए राजस्व न्यायालयों की कार्यक्षमता और प्रभावशीलता को बढ़ाया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे वादों के निस्तारण में गुणवत्ता एवं समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, जिससे आमजन को अपने मामलों के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से न्यायालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप राजस्व संबंधी मामलों का पारदर्शी, निष्पक्ष एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ निर्वहन करना होगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चारों जनपदों के राजस्व पीठासीन अधिकारियों की विधिक समझ, न्यायिक दक्षता एवं निर्णय लेने की क्षमता को सुदृढ़ करना तथा राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली में एकरूपता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करना रहा। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अधिकारियों को विधिक प्रावधानों की व्यावहारिक समझ प्राप्त होने के साथ ही न्यायिक कार्यवाही में आने वाली प्रक्रियात्मक जटिलताओं को दूर करने में भी सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में समस्त अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार ,नायब तहसीलदार सहित संबंधित राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्टर : राजेश कुमार जायसवाल

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