ग्रामीण पत्रकारिता के मसीहा को शत-शत नमन: बाबू बालेश्वर लाल की 95वीं जयंती पर सेवा, संकल्प और संवेदना का संगम
गोरखपुर : नववर्ष के उत्सव के बीच ग्रामीण पत्रकारिता को नई पहचान देने वाले, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के संस्थापक एवं ग्रामीण पत्रकारिता के प्रणेता स्वर्गीय बाबू बालेश्वर लाल की 95वीं जयंती पूरे देश में श्रद्धा, सेवा और संकल्प के साथ मनाई गई। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, कानपुर, अयोध्या, मऊ, बस्ती, खलीलाबाद सहित कई जिलों में भव्य सभाओं का आयोजन हुआ, जहां सैकड़ों पत्रकारों और गणमान्य नागरिकों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उनके ऐतिहासिक योगदान को नमन किया। सभाओं में वक्ताओं ने स्व. बाबू बालेश्वर लाल को ग्रामीण पत्रकारों का “मसीहा” बताते हुए कहा कि उन्होंने गांव-देहात में सच की आवाज़ को संगठित कर सम्मान दिलाया। गोरखपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पदाधिकारियों ने बताया कि बाबू जी द्वारा स्थापित संगठन आज भी पत्रकार बंधुओं के लिए “कवच” बनकर खड़ा है। इस अवसर पर सभी ने उनके बताए पत्रकारिता के आदर्श सत्य, निष्पक्षता और ग्रामीण हितों की रक्षा—पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया।
सहजनवा तहसील इकाई का कार्यक्रम रहा विशेष
सहजनवा में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय पत्रकार संघ के अध्यक्ष हरि गोविंद चौबे ने कहा, “बाबू बालेश्वर लाल जी ने ग्रामीण पत्रकारों को संगठित कर उन्हें सम्मान दिलाया। उनके बिना आज ग्रामीण पत्रकारिता का चेहरा कुछ और ही होता।”
इसी क्रम में संगठन के मीडिया प्रभारी विवेक पाण्डेय द्वारा उठाए गए सराहनीय कदम की घोषणा ने सभी का ध्यान खींचा। जानकारी दी गई कि ग्राम दफ्तरी के असहाय, जरूरतमंद और मजबूर गरीब परिवारों के पांच बच्चों को 18 वर्ष तक गोद लेकर उनकी पूरी शिक्षा की जिम्मेदारी ली गई है। इस प्रेरक पहल को आगे बढ़ाते हुए संगठन ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि इन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की जिम्मेदारी पूरे 18 वर्षों तक संगठन और उसके सभी साथियों द्वारा निभाई जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहजनवा में सैकड़ों मरीजों और उनके परिजनों को खाद्य सामग्री व कंबल वितरित किए गए। साथ ही सामाजिक योगदान के लिए बच्चों सहित कई लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
उपस्थित प्रमुख लोग
कार्यक्रम में सुदर्शन शुक्ला, पुरुषोत्तम अग्रवाल, तहसील अध्यक्ष हरि गोविंद चौबे, कृष्ण कुमार यादव, ओम बाबा (समाजसेवी), अजीत कुमार शुक्ला, संत राज यादव, रामसेवक चौधरी, चंदन चौरसिया, कमलेश चौरसिया, राघवेंद्र प्रताप सिंह, सत्येंद्र अग्रहरि, दीपक शुक्ला, बेचन शर्मा, रमेश चंद्र यादव, राजेंद्र सिंह ‘मल्लू सिंह’, अशोक कुमार चौधरी, विवेकानंद पांडे, डॉ. रागिनी यादव, संतोष उपाध्याय, त्रिपुरारी पांडे सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
समापन संदेश:
95वीं जयंती का यह आयोजन केवल स्मरण नहीं, बल्कि सेवा और संकल्प का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा—जहां पत्रकारिता के मूल्यों के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का संकल्प दोहराया गया।
रिपोर्टर : हरिगोबिन्द चौबे

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