समाज की धूरी हैं, ब्राह्मण और क्षत्रिय- शंकराचार्य

गोरखपुर : घघसरा नगर पंचायत घघसरा के परशुराम नगर के पनिका-इटार में शनिवार को उत्तराखंड के  बद्रीकाआश्रम से पधारे शंकराचार्य श्री मुक्तेश्वरनंद जी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा  कि ब्राह्मण व क्षत्रिय समाज व सनातन धर्म की धूरी हैं। एक अपने बाहूबल से धर्म की रक्षा करता है, तो दूसरा अपने मेधा शक्ति से।समाज के वे सभी लोग ब्राह्मण  का कार्य करते हैं, जो अपने ज्ञान से समाज व देश को आगे ले जाने का कार्य करते हैं।जिनके बाहुबली से देश व समाज में सुरक्षा व शांति का माहौल बना रहता है,वह सभी क्षत्रिय हैं। कर्म के अनुसार ही शास्त्रों ने वर्णन किया है। बड़े कल में पैदा होकर भी कोई समझ में निकृष्ट कार्य करता है तो उसकी प्रशंसा नहीं की जा सकती।शंकराचार्य ने कहा कि- सनातन धर्म में गौ रक्षा का प्रथम स्थान है। जब तक गोमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित नहीं किया जाता तब तक सनातन धर्म की विकास संभव नहीं हो सकता। समाज में श्री राम का मार्ग सर्वोत्तम है। परमार्थ का दूसरा नाम राम है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की प्रशंसा हजारों मुखों से नहीं की जा सकती ।रामचरितमानस  ऐसा संस्कृत दस्तावेज है, जो विश्व के कल्याण की कामना करता है। उक्त अवसर पर राज नारायण पांडेय, प्रतापगढ़ से पधारे विवेक पांडेय, विनोद कुमार पांडे शेषमणि पांडे साधिका, विश्व देव पाण्डेय,खजाने पाण्डेय, अमरावती पांडेय, पूजा, संगम, संतोला, संजू गुप्ता, किरन गुप्ता, रेखा गुप्ता, शकुन्तला गुप्ता, ब्रह्मदेव दुबे, सागर चौधरी भागीरथी चौधरी, जोखन चौधरी समेत कई लोग मौजूद थे।

रिपोर्टर : हरिगोबिन्द चौबे

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