छह वर्षीय मासूम से दुष्कर्म पर फूटा आक्रोश, पूर्वांचल सेना ने किया प्रदर्शन
गोरखपुर : मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचकर अपर आयुक्त प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, बच्ची के बेहतर इलाज और सुरक्षा की भी उठाई आवाज गोरखपुर। महाराजगंज जिले के पुरन्दरपुर थाना क्षेत्र में छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को लेकर सोमवार को पूर्वांचल सेना के कार्यकर्ताओं ने गोरखपुर के अंबेडकर चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और दोष सिद्ध होने पर अधिकतम सजा दिलाने की मांग की। प्रदर्शन के बाद संगठन के पदाधिकारी मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे और अपर आयुक्त प्रशासन जय प्रकाश को ज्ञापन सौंपकर पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
पूर्वांचल सेना के पदाधिकारियों ने बताया कि पुरन्दरपुर थाना क्षेत्र के गांव में छह वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म का आरोप गांव के ही 55 वर्षीय मेवालाल पर लगा है। पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की जानकारी दी गई है। घटना के बाद बच्ची का उपचार गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। मासूम की हालत को लेकर परिवार के साथ ही क्षेत्र के लोगों में भी चिंता और आक्रोश है। संगठन का कहना है कि इतनी कम उम्र की बच्ची के साथ हुआ अपराध अत्यंत गंभीर और मानवता को झकझोर देने वाला है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोपी के खिलाफ शीघ्र न्यायिक कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में जांच और अभियोजन की प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संगठन ने शासन-प्रशासन से मांग की कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए और दोष सिद्ध होने पर आरोपी को कानून के तहत अधिकतम दंड दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए।
पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये सहायता की मांग
पूर्वांचल सेना ने पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की। संगठन ने कहा कि घटना से परिवार पर मानसिक, सामाजिक और आर्थिक संकट आया है। ऐसे में शासन को पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होकर तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। साथ ही बच्ची के उपचार का पूरा खर्च सरकार की ओर से वहन किए जाने और गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में उसे बेहतर एवं निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई।
संगठन ने बच्ची और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, बच्ची के मानसिक स्वास्थ्य के लिए विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराने तथा भविष्य में उसकी शिक्षा और पुनर्वास के लिए विशेष व्यवस्था किए जाने की मांग भी उठाई। कहा गया कि पीड़िता के जीवन पर इस घटना का दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि उसके सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की जिम्मेदारी भी प्रशासन को उठानी चाहिए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि यदि आरोपी के पूर्व आपराधिक आचरण अथवा किसी अन्य अपराध में संलिप्तता से संबंधित कोई तथ्य सामने आता है तो उसकी भी विधि सम्मत जांच कराई जाए। संगठन ने मामले की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने की मांग की, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके।
पूर्वांचल सेना ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं, बल्कि कानून के अनुसार दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना है। संगठन ने कहा कि छह वर्षीय मासूम के साथ हुआ अपराध पूरे समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला है। ऐसे मामलों में समाज और प्रशासन दोनों को संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बच्ची को न्याय दिलाने के साथ उसके परिवार को हर संभव सरकारी सहायता मिलनी चाहिए। संगठन ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायिक प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराने, पीड़िता की सुरक्षा एवं उपचार सुनिश्चित करने और उसके भविष्य के पुनर्वास के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों ने मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचकर अपर आयुक्त प्रशासन जय प्रकाश को अपना ज्ञापन सौंपा।
रिपोर्टर : हरिगोबिन्द चौबे
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