भिटी में कलाम पटाखा पर कार्रवाई कब? लाइसेंस बचाने के लिए अधिकारियों को पटाखे और पैसे देने के आरोप, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल
गोरखपुर : खबर प्रकाशित होने के बाद भी कार्रवाई का इंतजार, कुशीनगर के अधिकारियों की कथित मौजूदगी और तीन बोरी पटाखों का मामला भी चर्चा में सहजनवा (गोरखपुर)। सहजनवा थाना क्षेत्र के भिटी चौराहे पर स्थित कलाम पटाखा दुकान में कथित अनियमितताओं को लेकर खबर प्रकाशित होने के बावजूद अब तक कार्रवाई सामने नहीं आने पर संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। आखिर क्या वजह है कि मामला सामने आने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई?
सूत्रों के हवाले से यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि दुकान संचालक अपने लाइसेंस को बचाए रखने के लिए गोरखपुर ही नहीं, बल्कि दूसरे जनपदों के अधिकारियों तक पहुंच बनाने में जुटा है। यहां तक कि अधिकारियों को पटाखे और पैसे देने के आरोप भी चर्चा में हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं पटाखा बोरे में लेजाकर गाड़ी नंबर यूपी-32-FG -6225 में रखने का वीडियो वायरल हुआ है ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
तीन बोरी पटाखों का मामला, सरकारी गाड़ी को लेकर भी उठे सवाल
कुछ दिन पूर्व एक अन्य खबर में दावा किया गया था कि कुशीनगर जनपद के सीएफो और फायर विभाग के एक कांस्टेबल कथित तौर पर सरकारी गाड़ी से भिटी स्थित कलाम पटाखा दुकान पर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां से तीन बोरी पटाखे पैक कराकर ले जाए जा रहे थे। उसी दौरान शकुन टाइम्स की टीम मौके पर पहुंची तो संबंधित व्यक्तियों ने स्वयं को कुशीनगर का सीओ और पुलिस अधिकारी बताया। हालांकि, उनकी पहचान, पटाखे ले जाने की परिस्थितियों और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
यदि सरकारी वाहन का इस्तेमाल कर पटाखे ले जाने का मामला सही है, तो यह जांच का गंभीर विषय है। संबंधित विभागों को स्पष्ट करना चाहिए कि मौके पर कौन अधिकारी मौजूद थे, पटाखे किस उद्देश्य से ले जाए जा रहे थे और क्या इसके लिए कोई वैध प्रक्रिया अपनाई गई थी।खबर चली, सवाल उठे, फिर भी कार्रवाई कहां?
पटाखों का कारोबार अग्नि सुरक्षा और जनसुरक्षा से सीधे जुड़ा है। ऐसे में लाइसेंस, भंडारण की निर्धारित सीमा और सुरक्षा मानकों के पालन की नियमित जांच आवश्यक है। यदि दुकान में अनियमितताएं पाई गई हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग इन आरोपों की निष्पक्ष जांच करेगा? क्या कुशीनगर और गोरखपुर के अधिकारी कथित घटनाक्रम पर अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे? और यदि किसी अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है, तो क्या जवाबदेही तय होगी?
शकुन टाइम्स की मांग है कि संबंधित प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए, दुकान के लाइसेंस और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच करे तथा पटाखे और पैसे देने के आरोपों की सत्यता सामने लाए। आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।फिलहाल, भिटी चौराहे पर कलाम पटाखा दुकान को लेकर उठे सवालों के जवाब और संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। वही फायर इंस्पेक्टर गीडा सरोज सिंह ने बताया कि जानकारी मिली है पटाखे की दुकान का लाइसेंस ब मानक की जांच कराकर कार्यवाही किया जाएगा
रिपोर्टर : हरिगोबिन्द चौबे

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