डेडियापाड़ा में " मातृभाषा फेस्टिवल-2026" का शानदार आयोजन

डेडियापाड़ा : गुजरात साहित्य अकादमी, गांधीनगर और गवर्नमेंट एजुकेशन एंड साइंस कॉलेज, डेडियापाड़ा की मिली-जुली पहल से "वर्ल्ड मातृभाषा फेस्टिवल डे" के मौके पर, नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा में गवर्नमेंट एजुकेशन एंड साइंस कॉलेज में "मदर लैंग्वेज फेस्टिवल-2026" का शानदार आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में, मदर लैंग्वेज डे पर गुजरात साहित्य अकादमी, गांधीनगर के प्रेसिडेंट श्री भयेश झाना के शुभकामना संदेश का वीडियो दिखाया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. दीपकभाई पारेख ने "मदर लैंग्वेज डे" के बारे में बताया और मदर लैंग्वेज के महत्व पर अपने विचार रखे। वक्ता डॉ. जलपाबेन पटेल ने "मदर लैंग्वेज के बिना संस्कृति अधूरी क्यों है?" विषय पर बात की। स्टूडेंट्स ने मदर लैंग्वेज विषय पर अपने अच्छे विचार पेश करके मंत्रमुग्ध कर दिया।

पूरे प्रोग्राम की अध्यक्षता करते हुए यहां के कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. अनिलाबेन के. पटेल ने मातृभाषा की ज़रूरत और इसके मौजूदा हालात और आज की शिक्षा पर ज़ोर देते हुए आशीर्वाद दिया और मातृभाषा दिवस की बधाई दी।

धन्यवाद ज्ञापन में, सोशियोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रो. सुरेशभाई गामित ने गुजरात साहित्य अकादमी, गांधीनगर के प्रेसिडेंट श्री भाजेश झा और महामात्र श्री जयेंद्रसिंह जाधव, और प्रिंसिपल और सभी साथियों को पूरे प्रोग्राम को गाइड करने के लिए धन्यवाद दिया।

इस प्रोग्राम में मौजूद स्पीकर्स, गेस्ट्स, टीचर्स और स्टूडेंट्स ने "मेरी लिखावट, मेरी मातृभाषा में" कैंपेन के तहत अपनी मातृभाषा में साइन किए।

पूरे प्रोग्राम की शुरुआत करने वाले की भूमिका मैथ्स डिपार्टमेंट की प्रोफेसर श्री दिशाबेन गांधी ने निभाई। इस प्रोग्राम के कोऑर्डिनेटर संस्कृत डिपार्टमेंट के हेड डॉ. रितेश कुमार परमार थे। आखिर में, राष्ट्रगान के साथ प्रोग्राम खत्म हुआ।

मौजूद गेस्ट्स ने दीप जलाकर प्रोग्राम शुरू किया। गेस्ट्स का स्वागत किताबों का गुलदस्ता देकर किया गया। प्रोग्राम में स्पीकर डॉ. दीपकभाई पी. पारेख, संस्कृत के असिस्टेंट प्रोफेसर, श्री जयेंद्रपुरी आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज, भरूच और डॉ. जलपाबेन पटेल, असिस्टेंट प्रोफेसर, गवर्नमेंट विनयन एंड कॉमर्स कॉलेज, गरुड़ेश्वर और डेली अखबारों के लोकल रिप्रेजेंटेटिव शामिल हुए। जिनका वर्बल इंट्रोडक्शन प्रोग्राम के कोऑर्डिनेटर डॉ. रितेश कुमार परमार ने दिया और संबंधित भाषणों में मातृभाषा के बारे में पुराने और नए लेखकों के विचार बताए गए।

रिपोर्टर : साबिर मेमन

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