राज्यों और देश बढ़ता कर्ज करेगा देश की हालत खराब

साहित्य : हमने और आप सब ने केन्द्र और अपने अपने राज्यों के बजट और उसके लाभ और गैर लाभ सोच रखे होंगे। बजेट ने आपको बहुत कुछ दिखाया गया यहां तक के रुपिया आएगा कहा से और जाएगा कहा लेकिन आज हम ऐसी गंभीर विषय में जानकारी देना चाहते हे कि जिससे देश के सारे लोगों को परोक्ष रूप से असर पड़ता हे। और बहुत सारे राज्यों के ऐसे हालत हे कि बजेट से ज्यादा यह चीज हे उनके ऊपर और उसको कोईभी तरीके से नजर अंदाज नहीं करना चाहिए वह हे राज्य का बकाया यानी की राज्यों की देनदारी या उसका कर्ज। तो आज हम जानेंगे हर राज्य के कर्ज के बारे में?!

जानिए आपके राज्य के ऊपर कितना हे कर्ज?
1. आंध्र प्रदेश  2008  मैं  99874.7  से लेकर  2026 (BE)  तक  645461.1  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  6.46  गुना बढ़ गया |
2. अरुणाचल प्रदेश  2008  मैं  2837.3  से लेकर  2026 (BE)  तक  30881.2  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  10.88  गुना बढ़ गया |
3. असम  2008  मैं  20191.6  से लेकर  2026 (BE)  तक  206608.3  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  10.23  गुना बढ़ गया |
4. बिहार  2008  मैं  52807.3  से लेकर  2026 (BE)  तक  403866.8  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  7.65  गुना बढ़ गया |
5. छत्तीसगढ़  2008  मैं  14647.4  से लेकर  2026 (BE)  तक  189416.9  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  12.93  गुना बढ़ गया |
6. गोवा  2008  मैं  6642.2  से लेकर  2026 (BE)  तक  35608.5  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  5.36  गुना बढ़ गया |
7. गुजरात  2008  मैं  100327.9  से लेकर  2026 (BE)  तक  534339.1  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  5.33  गुना बढ़ गया |
8. हरियाणा  2008  मैं  29911  से लेकर  2026 (BE)  तक  402820  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  13.47  गुना बढ़ गया |
9. हिमाचल प्रदेश  2008  मैं  19482.1  से लेकर  2026 (BE)  तक  110009.7  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  5.65  गुना बढ़ गया |
10. झारखण्ड  2008  मैं  21341.8  से लेकर  2026 (BE)  तक  141301.1  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  6.62  गुना बढ़ गया |
11. कर्नाटक  2008  मैं  60555.1  से लेकर  2026 (BE)  तक  814277.7  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  13.45  गुना बढ़ गया |
12. केरल  2008  मैं  58502.5  से लेकर  2026 (BE)  तक  506686.9  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  8.66  गुना बढ़ गया |
13. मध्य प्रदेश  2008  मैं  54908.6  से लेकर  2026 (BE)  तक  531012.8  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  9.67  गुना बढ़ गया |
14. महाराष्ट्र  2008  मैं  162012.6  से लेकर  2026 (BE)  तक  937159.6  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  5.78  गुना बढ़ गया |
15. मणिपुर  2008  मैं  4529.4  से लेकर  2026 (BE)  तक  23546.8  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  5.2  गुना बढ़ गया |
16. मेघालय  2008  मैं  3218.2  से लेकर  2026 (BE)  तक  26040.3  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  8.09  गुना बढ़ गया |
17. मिजोरम  2008  मैं  3950.5  से लेकर  2026 (BE)  तक  14515.8  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  3.67  गुना बढ़ गया |
18. नागालैंड  2008  मैं  3576.6  से लेकर  2026 (BE)  तक  23462  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  6.56  गुना बढ़ गया |
19. ओडिशा  2008  मैं  42975.1  से लेकर  2026 (BE)  तक  215581.1  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  5.02  गुना बढ़ गया |
20. पंजाब  2008  मैं  55794.1  से लेकर  2026 (BE)  तक  413654.8  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  7.41  गुना बढ़ गया |
21. राजस्थान  2008  मैं  77166.4  से लेकर  2026 (BE)  तक  714993  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  9.27  गुना बढ़ गया |
22. सिक्किम  2008  मैं  1705.3  से लेकर  2026 (BE)  तक  22024  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  12.92  गुना बढ़ गया |
23. तमिलनाडु  2008  मैं  73886.8  से लेकर  2026 (BE)  तक  1042858.2  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  14.11  गुना बढ़ गया |
24. तेलंगाना  2008  मैं  राज्य नहीं था
25. त्रिपुरा  2008  मैं  4542.5  से लेकर  2026 (BE)  तक  30748.3  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  6.77  गुना बढ़ गया |
26. उत्तर प्रदेश  2008  मैं  179740.7  से लेकर  2026 (BE)  तक  883977.1  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  4.92  गुना बढ़ गया |
27. उत्तराखंड  2008  मैं  14649.6  से लेकर  2026 (BE)  तक  108527.4  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  7.41  गुना बढ़ गया |
28. पश्चिम बंगाल  2008  मैं  136422.3  से लेकर  2026 (BE)  तक  790237.7  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  5.79  गुना बढ़ गया |
29. जम्मू और कश्मीर  2008  मैं  22102.5  से लेकर  2026 (BE)  तक  97262.1  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  4.4  गुना बढ़ गया |
30. एनसीटी दिल्ली  2008  मैं  25339  से लेकर  2026 (BE)  तक  21764.7  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  0.86  गुना बढ़ गया |
31. पुडुचेरी  2008  मैं  2923.1  से लेकर  2026 (BE)  तक  14897  हो जाएगा |  जो इतने सालो में  5.1  गुना बढ़ गया |

यह सभी राज्यों का हाल हे सिर्फ दिल्ली को छोड़ के बहुत सारे राज्यों ने पिछले 15 सालों  में 5 से लेकर 13 गुना तक कर्जा बढ़ा लिया हे कोई 1 भी राज्य ऐसा नहीं हे जिसने कर्ज पे ध्यान देकर अपने राज्य का कर्ज घटाया हो। साथ में ही एक बात जो अबतक सुनने में आई हे कि राजनीति में अब फ्री की रेवड़ी बढ़ गई हे तो आईए जानते हे के इसका क्या असर होता हे कर्ज पे होता भी हे या नहीं वह आंकड़ों के साथ देखते हे।

चुनाव के दो सालों के अंदर कर्ज का असर

1. आंध्र प्रदेश  चुनाव वर्ष  2024 और अगले दो सालो में यानि की 2026  तक  कर्ज     31.04 % बढ़ गया!
2. अरुणाचल प्रदेश  चुनाव वर्ष 2024  और अगले दो सालो में यानि की  2026 तक कर्ज 43.14 % बढ़ गया!
3. असम  चुनाव वर्ष  2021  और अगले दो सालो में यानि की 2023 तक कर्ज 44.02% बढ़ गया!
4. बिहार  चुनाव वर्ष 2024 और अगले दो सालो में यानि की  2026 तक कर्ज 22.42% बढ़ गया!
5. छत्तीसगढ़  चुनाव वर्ष  2023 और अगले दो सालो में यानि की  2025  तक  कर्ज 52.09% बढ़ गया!
6. गोवा  चुनाव वर्ष 2022 और अगले दो सालो में यानि की 2024  तक  कर्ज 10.81% बढ़ गया!
7. गुजरात  चुनाव वर्ष  2025 और अगले  साल में यानि की 2026  तक  कर्ज 12.4% बढ़ गया!
8. हरियाणा  चुनाव वर्ष  2024 और अगले दो सालो में यानि की  2026तक  कर्ज 18.7 % बढ़ गया!
9. हिमाचल प्रदेश  चुनाव वर्ष 2022  और अगले दो सालो में यानि की  2024  तक  कर्ज 28.35% बढ़ गया!
10. झारखण्ड  चुनाव वर्ष  2024 और अगले दो सालो में यानि की  2026  तक  कर्ज 12.06% बढ़ गया!
11. कर्नाटक  चुनाव वर्ष  2023 और अगले दो सालो में यानि की  2025  तक कर्ज 28.54 %बढ़ गया!
12. केरल  चुनाव वर्ष  2021और अगले दो सालो में यानि की 2023  तक  कर्ज 24.75% बढ़ गया!
13. मध्य प्रदेश  चुनाव वर्ष  2023 और अगले दो सालो में यानि की  2025  तक  कर्ज 26.49 % बढ़ गया!
14. महाराष्ट्र  चुनाव वर्ष  2024 और अगले दो सालो में यानि की  2026  तक  कर्ज      24.89 % बढ़ गया!
15. मणिपुर  चुनाव वर्ष  2022 और अगले दो सालो में यानि की  2024  तक  कर्ज  22.99% बढ़ गया!
16. मेघालय  चुनाव वर्ष  2023 और अगले दो सालो में यानि की  2025  तक कर्ज 17.91% बढ़ गया!
17. मिजोरम  चुनाव वर्ष  2023 और अगले दो सालो में यानि की  2025  तक कर्ज 18.65% बढ़ गया!
18. नागालैंड  चुनाव वर्ष  2023 और अगले दो सालो में यानि की  2025  तक  कर्ज 30.22 %बढ़ गया!
19. ओडिशा  चुनाव वर्ष  2024 और अगले दो सालो में यानि की  2026  तक   कर्ज 27.09 % बढ़ गया!
20. पंजाब  चुनाव वर्ष  2022  और अगले दो सालो में यानि की 2024  तक कर्जा  21.67% बढ़ गया!
21. राजस्थान  चुनाव वर्ष  2023 और अगले दो सालो में यानि की  2025  तक  कर्ज 24.44% बढ़ गया!
22. सिक्किम  चुनाव वर्ष  2024 और अगले दो सालो में यानि की 2026  तक  कर्ज    38.39 % बढ़ गया!
23. तमिलनाडु  चुनाव वर्ष  2021 और अगले दो सालो में यानि की  2023  तक  कर्ज 33.41% बढ़ गया!
24. तेलंगाना  चुनाव वर्ष  2023 और अगले दो सालो में यानि की  2025  तक कर्ज  26.06% बढ़ गया!
25. त्रिपुरा  चुनाव वर्ष  2023 और अगले दो सालो में यानि की 2025  तक  कर्ज 17.8%बढ़ गया!
26. उत्तर प्रदेश  चुनाव वर्ष  2022 और अगले दो सालो में यानि की  2024  तक  कर्ज       22.59 % बढ़ गया!
27. उत्तराखंड  चुनाव वर्ष  2022 और अगले दो सालो में यानि की  2024  तक  कर्ज 9.34% बढ़ गया!
28. पश्चिम बंगाल  चुनाव वर्ष 2021  और अगले दो सालो में यानि की  2023  तक कर्ज       20.33 %बढ़ गया!
29. जम्मू और कश्मीर  चुनाव वर्ष 2024  और अगले दो सालो में यानि की  2026  तक कर्ज 21.84% बढ़ गया!
30. एनसीटी दिल्ली  चुनाव वर्ष 2025  और अगले साल में यानी की 2026 तक कर्ज 97.39% बढ़ गया!
31. पुडुचेरी  चुनाव वर्ष  2021और अगले दो सालो में यानी की  2023  तक  कर्ज 16.34% बढ़ गया!
इस आंकड़ों से साफ साबित होता हे कि चुनावी वादों का असर कही न कही कर्ज पर भी पड़ता हे ज्यादातर राज्यों ने चुनाव के बाद 20% से ज्यादा दो सालों में कर्ज बढ़ा दिया और दिल्ली ने तो रिकॉर्ड ही तोड़ दिया 1 साल में ही 97% यानि की लगभग 2 गुना कर्ज अपने राज्य पे कर दिया।
भविष्य में यह देश के लिए विस्फोटक और अभी टेक्स के लिए!

आज कल 2035 में यह कर देंगे 2047 में यह हो जाएगा ऐसे ऐसे सपने दिखाकर हकीकत से हम मुंह नहीं मोड़ सकते क्योंकि जो कर्ज के आंकड़े हे वो पिछले कई सालों में कई गुना बढ़ने लगे हे और सामने बजट में आपको ब्याज के आंकड़े भी दिख जाते हे। तो सोचो की इसका असर आज हमें टेक्स और दंड के रूप में आ रहा हे जो भविष्य में देश और उसकी संपति पर भी असर कर सकता हे। और सही तरीके से ध्यान न रखा गया तो यह कर्ज देश को डूबा देगा और विस्फोटक स्थिति में लाकर खड़ा कर देगा।।

क्या हे उपाय !? क्यों नेताओं को नहीं आनी चाहिए नींद?!

अगर आपके घर पे किसी भी प्रकार का कर्ज हो और वह बढ़ता ही चला जाता हे तो क्या आपको नींद आएगी।ऐसे ही इस आंकड़े को देखकर हमारे देश के नेताओं को नींद कैसे आती हे वो समझ में नहीं आता जब कोई कुछ उल्टा सीधा कह दे तो बताने लगते हे पूरे राज्य के नेता है तो यह भी उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। फिर भी हमारे सभी राष्ट्रवादी कहलाते नेताओं को नींद कैसे आती है?। अब इसके लिए पहले तो सभी राज्यों और केंद्र सरकार को जो पैसे का व्यय हो रहा हे उसका ध्यान रखकर पहले तो सरदारजी और गांधीजी की तरह करकसर करके अपने मुफ्त के लाभ बंध करने होंगे और बचत बढ़ानी होगी साथ ही अपने ही लोगों को पावर और पैसे वाला बनाने की जो नीच सोच हे जिससे सता बनी रहे वह भी छोड़नी होगी और सही को सही बताना होगा। साथ मे वह सारी योजनाएं जो सिर्फ और सिर्फ वोट और उसके बदले।में अपने आदमी और वोटर को नोट के रूप में  जाती है वह बंध करनी चाहिए या तो एफीडेविट देना चाहिए के यह योजना में 1 रुपए का भी भ्रष्टाचार नहीं होगा।और जरूरत के मुताबिक ही करोड़ों और खरबों के प्रोजेक्ट या योजनाएं लागू करनी चाहिए तो ही हम इस में सुधार ला कर कर्ज से बाहर निकल पाएंगे। वरना यह सब विश्वगुरू के सपने कर्ज तले दब जाएंगे और सिर्फ और सिर्फ सच्चाई सामने आते ही हम धरे के धरे रह जाएंगे जब सामने आएगा तब वह नेता और उसके लोगो ने तो मोज शौख करके पैसे उड़ा दिए बादमें देश और उसकी संपति बेचने की नौबत आएगी। अगर कोई भी राज्य यह कदम नहीं उठाए तो न्यायालय को आगे आकर इसका पक्ष लेना होगा वरना यह कर्ज भविष्य में हमे डुबो देगा। जो कि अभी अभी सुप्रीम कोर्ट ने भी इसके ऊपर उंगली उठाई हे लेकिन अब समय आ गया हे की जो कर्ज बढ़ाके देश के पैसे लुट के निजी स्वार्थ के लिए बाट रहे हे उनके खिलाफ ठोस कदम उठाया जाए वरना 2047 तक विश्वगुरु का सपना दिखाकर यह कर्ज के तले देश को गुलाम बना देंगे।।। 

रिपोर्टर : चंद्रकांत पुजारी

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