‘विकसित भारत संकल्प कॉन्फ्रेंस’ और ‘नेचुरल एग्रीकल्चर सेमिनार’ डेडियापाड़ा में हुआ
डेडियापाड़ा : नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा तालुका में एग्रीकल्चरल पॉलिटेक्निक इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस में ‘विकसित भारत संकल्प कॉन्फ्रेंस’ के तहत एक बड़ा ‘नेचुरल एग्रीकल्चर सेमिनार और एग्ज़िबिशन’ ऑर्गनाइज़ किया गया। प्रोग्राम की अध्यक्षता डिस्ट्रिक्ट पंचायत प्रेसिडेंट श्रीमती अंजनाबेन वसावा ने की और भरूच के MP श्री मनसुखभाई वसावा खास तौर पर मौजूद थे।
प्रोग्राम का मुख्य मकसद साल 2047 तक भारत को एक विकसित, आत्मनिर्भर और खुशहाल देश बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को लोगों तक पहुंचाना और देश के विकास में किसानों की अहम भूमिका को और मज़बूत करना था। इस मौके पर मौजूद गणमान्य लोगों, अधिकारियों, किसानों और नागरिकों ने मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान देने का संकल्प लिया।
इस मौके पर MP मनसुखभाई वसावा ने कहा कि प्रधानमंत्री के 12 साल के अच्छे शासन में कई विकास और जनकल्याण योजनाओं का फायदा समाज के आखिरी आदमी तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि आज के समय में केमिकल वाली खेती की वजह से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति, इंसानी सेहत और पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। ऐसे में किसानों के लिए नेचुरल खेती अपनाना समय की मांग बन गई है। पुराने पारंपरिक खेती के तरीकों को मॉडर्न साइंटिफिक तरीकों से मिलाकर केमिकल-फ्री और अच्छी क्वालिटी की पैदावार मिल सकेगी। नेचुरल खेती सिर्फ एक खेती का तरीका नहीं है, बल्कि एक हेल्दी समाज और खुशहाल देश बनाने की नींव है।
किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), डेडियापाड़ा के कृषि वैज्ञानिकों ने मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बनाए रखने, केमिकल खाद और पेस्टीसाइड के ज़्यादा इस्तेमाल से होने वाले नुकसान, नेचुरल खेती के तरीकों और कम लागत में ज़्यादा अच्छी क्वालिटी की पैदावार लेने के तरीकों के बारे में गाइड किया। किसानों को नई कृषि टेक्नोलॉजी, बायोलॉजिकल इनपुट और टिकाऊ खेती के तरीकों के बारे में भी बताया गया।
प्रोग्राम के दौरान नेचुरल खेती को बढ़ावा देने वाले अलग-अलग डिपार्टमेंट और ऑर्गनाइज़ेशन के स्टॉल भी लगाए गए थे। इसके साथ ही गणमान्यों द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को पूर्व स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
इस अवसर पर तालुका पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रेमिलाबेन वसावा, निर्माण समिति के अध्यक्ष श्री पंकजभाई वसावा के साथ ही पूर्व मंत्री श्री मोतीलाल वसावा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पर्युषणबेन वसावा और श्री शंकरभाई वसावा, आत्मा परियोजना निदेशक श्री दीपक शिनोरा, प्रांतीय अधिकारी सुश्री जूही पांडे, श्री बी.वाई. पंचोली (उप परियोजना निदेशक), श्री एस.ए. राठवा (जिला परियोजना प्रबंधक), श्री चंद्रेशभाई चौधरी (सहायक कृषि निदेशक), डॉ. एच.यू. व्यास (वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रमुख, केवीके देदियापाड़ा), डॉ. वी.के. पोशिया, डॉ. मीनाक्षी तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कृषि विशेषज्ञ, प्रगतिशील किसान और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
रिपोर्टर : साबिर मेमन
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