गुजरात को केवल एक प्रोजेक्ट या इंडस्ट्रियल यूनिट का स्थान नहीं
गांधीनगर : मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2027 के प्रमोशन के लिए गुरुवार को मुंबई में आयोजित रोडशो में देश-विदेश के उद्योगपतियों और निवेशकों से ‘कम टू गुजरात, ग्रो इन गुजरात, ग्रो विद गुजरात’ का आह्वान किया।
उन्होंने विभिन्न देशों के कांसुल जनरल्स, फॉरेन मिशन के प्रतिनिधियों और देश के अग्रणी इंडस्ट्री लीडर्स के साथ इंटरेक्शन सेशन में गुजरात के प्रभावशाली विकास पर रोशनी डाली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 2003 में शुरू की गई वाइब्रेंट समिट की निरंतर सफलता के चलते गुजरात आज देश के इंडस्ट्रियल पावरहाउस के साथ ‘ग्लोबल गेटवे टू दी फ्यूचर’ बन गया है।
इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गुजरात पारंपरिक औद्योगिक विकास से कहीं आगे बढ़कर रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते सेक्टरों में सस्टेनेबल डेवलपमेंट के जरिए नेतृत्व करने को तैयार है।
उन्होंने कांसुल जनरल्स और फॉरेन मिशन के प्रतिनिधियों तथा देश के अग्रणी बिजनेस लीडर्स को गुजरात की डेवलपमेंट जर्नी का पार्टनर बनने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि वे गुजरात को केवल एक प्रोजेक्ट या इंडस्ट्रियल यूनिट के स्थान के तौर पर न देखें, बल्कि इसे अपने भविष्य के विकास का एक भरोसेमंद पार्टनर बनाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अपने नए आइडियाज और नए निवेश के साथ आइए, गुजरात सरकार हर कदम पर आपकी मदद करने के लिए तैयार है।
भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात के पास देश की सबसे लंबी तटरेखा, वर्ल्ड क्लास पोर्ट्स, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी), दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी), मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड बुलेट ट्रेन, गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) और मजबूत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकोसिस्टम तथा कुशल मैनपावर की शक्ति है। इतना ही नहीं, पॉलिसी-ड्रिवन और निवेशक-अनुकूल शासन गुजरात की विशिष्ट पहचान हैं और यहां हर पॉलिसी जमीनी हकीकत में बदलती है।
उन्होंने कहा कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 8.2 फीसदी, मैन्युफैक्चरिंग में 17 फीसदी और मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट में 25 फीसदी का योगदान देने वाला गुजरात लेबर पीस, जीरो मैन डेज लॉस और मजबूत कानून एवं व्यवस्था की स्थिति के कारण दुनियाभर के निवेशकों के लिए निवेश का पहला पसंदीदा स्थल बन गया है।
मुख्यमंत्री ने भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) की हालिया रिपोर्ट का गर्व से उल्लेख किया, जिसके अनुसार गुजरात के राजकोट, सूरत और अहमदाबाद शहरों में सबसे अधिक सेल्फ एम्प्लॉयमेंट रेट है। उन्होंने कहा कि गुजरात अब जेट स्पीड से विकास के लिए पूरी तरह से तैयार है और हमारा लक्ष्य ‘विकसित गुजरात 2047’ के संकल्प के साथ राज्य को 3.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है।
उन्होंने विस्तार से बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए गुजरात ने क्षेत्रीय स्तर पर चार वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (वीजीआरसी) का सफल आयोजन किया है। वहीं, क्षेत्रीय संतुलित विकास के लिए छह इकोनॉमिक रीजनल मास्टर प्लान तैयार हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी चले आ रहे मुंबई और गुजरात के बीच के संबंध प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में और मजबूत हुए हैं। मुंबई और गुजरात साथ मिलकर एशिया का सबसे शक्तिशाली इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने की संभावनाएं रखते हैं।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था ने 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 फीसदी की जीडीपी ग्रोथ हासिल की है, इस गौरवपूर्ण अवसर पर उन्होंने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आयोजित इस रोडशो को प्रभावशाली करार दिया।
प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए विचार- ‘यही समय है, सही समय है’ को हकीकत में बदलने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आगामी 10,11, 12 जनवरी, 2027 को आयोजित होने वाली वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में सहभागी होने के लिए देश और दुनिया के इंडस्ट्री लीडर्स को भावपूर्ण आमंत्रण दिया।
मुख्य सचिव एम.के. दास ने कहा कि गुजरात नागरिकों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए देश का सबसे सुरक्षित और अनुकूल राज्य है। मुख्य सचिव ने राज्य के सुदृढ़ औद्योगिक बुनियादी ढांचे का जिक्र करते हुए कहा कि इकोनॉमिक मास्टर प्लान, बेहतर रोड कनेक्टिविटी, एयरपोर्ट और पोर्ट्स का व्यापक विकास हुआ है। नतीजतन, आज पूरे देश के कुल कार्गो हैंडलिंग का 40 फीसदी हिस्सा अकेले गुजरात संभालता है। इसके अलावा, माल-सामान की तेज ढुलाई के लिए समर्पित माल गलियारा (डीएफसी) का भी तेजी से विकास किया गया है।
राज्य सरकार की प्रो-एक्टिव नीतियों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ‘विकसित गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी’ के तहत उद्योगों को इंटेंसिव प्राप्त करने के लिए कई विकल्प दिए गए हैं।
निवेशकों से गुजरात के आर्थिक विकास का सहभागी बनने के लिए खुला आह्वान करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जो निवेशक पहले से ही गुजरात में काम कर रहे हैं, वे राज्य में अपनी उपस्थिति और निवेश में वृद्धि करें, साथ ही सभी नए निवेशकों का भी गुजरात में हार्दिक स्वागत है। उन्होंने कहा कि उद्योगों और व्यापार-रोजगार के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार सभी आवश्यक सहयोग देने को कटिबद्ध है।
राज्य के उद्योग विभाग की अपर मुख्य सचिव ममता वर्मा ने गुजरात की विकास यात्रा और उद्योगों के लिए अवसरों पर एक प्रेजेंटेशन देते हुए कहा कि प्राचीन समय से समुद्री मार्गों के जरिए दुनिया के देशों से जुड़ा गुजरात आज ग्लोबल सप्लाई चेन का एक अहम हिस्सा बन गया है।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने परंपरागत उद्योगों से आगे बढ़कर सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और फ्यूचर टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी अपनी विशिष्ट क्षमता को साबित किया है।
वर्मा ने कहा कि राज्य की उद्योग-उन्मुख नीतियों, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश-अनुकूल माहौल के परिणामस्वरूप गुजरात देश और दुनिया के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष आर. मुकुंदन ने कहा कि गुजरात सरकार की नीतिगत स्थिरता, तेज प्रतिक्रिया और उद्योगों के साथ लगातार संवाद के कारण राज्य में निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
मुकुंदन ने कहा कि राज्य सरकार उद्योग जगत के लिए सुलभ और प्रतिक्रियाशील (रिस्पॉन्सिव) रही है और व्यवसाय के लिए सक्षम और अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए लगातार कार्यरत है। गुजरात को एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और नए उभरते क्षेत्रों का अग्रणी हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार का दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि सीआईआई 2003 में आयोजित पहली वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट से ही जुड़ा हुआ है। श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुई यह पहल पिछले दो दशकों में निवेश, साझेदरी और आर्थिक विकास का एक ऐसा मंच बन गई है, जो पूरी दुनिया में जाना जाता है।
आरपीजी एंटरप्राइजेज के वाइस चेयरमैन अनंत गोयनका और ब्लू स्टार इंडिया के चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक वीर आडवाणी ने गुजरात में उद्योग और निवेश से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
इस इंटरेक्शन सेशन में मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार डॉ. हसमुख अढिया, सामान्य प्रशासन विभाग की अपर मुख्य सचिव अंजू शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुमार, अपर प्रधान सचिव डॉ. विक्रांत पांडे, उद्योग आयुक्त पी. स्वरूप, राज्य सरकार के वरिष्ठ सचिव, मुंबई के अग्रणी उद्योग संचालक और विभिन्न इंडस्ट्री एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्टर : राकेश शाह
No Previous Comments found.