Hair Fall को न करें नजरअंदाज, इन बीमारियों में तेजी से गिर सकते हैं बाल

बालों का झड़ना आज के समय में एक आम समस्या बन चुकी है। कंघी करते समय, बाल धोते समय या तकिए पर टूटे हुए बाल देखकर कई लोग परेशान हो जाते हैं। कुछ हद तक बालों का झड़ना सामान्य प्रक्रिया है, क्योंकि बालों का भी एक प्राकृतिक चक्र होता है। लेकिन अगर बाल लगातार ज्यादा मात्रा में गिर रहे हैं, बाल पहले से ज्यादा पतले नजर आने लगे हैं या सिर के कुछ हिस्सों से बाल गायब होने लगे हैं, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। कई बार बालों का झड़ना शरीर में छिपी किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। आइए जानते हैं किन स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से बाल झड़ सकते हैं और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।

आजकल बड़ी संख्या में लोग बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं। बदलती जीवनशैली, तनाव, खराब खानपान और गलत हेयर केयर रूटीन के कारण बाल कमजोर होने लगे हैं। हालांकि हर बार बाल झड़ने की वजह सिर्फ बाहरी कारण नहीं होती, कई बार शरीर के अंदर चल रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी इसके पीछे जिम्मेदार हो सकती हैं।

एलोपेसिया एरियाटा

बाल झड़ने की एक वजह एलोपेसिया एरियाटा भी हो सकती है। यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरोधक क्षमता गलती से बालों की जड़ों पर हमला करने लगती है। इसकी वजह से सिर या दाढ़ी के कुछ हिस्सों से अचानक बाल झड़ सकते हैं और वहां खाली पैच दिखाई देने लगते हैं। कुछ लोगों में बाल वापस उग सकते हैं, जबकि कुछ मामलों में इलाज की जरूरत पड़ती है।

थायरॉयड की समस्या

थायरॉयड हॉर्मोन शरीर के कई जरूरी कार्यों को नियंत्रित करता है। जब शरीर में थायरॉयड हॉर्मोन का संतुलन बिगड़ता है, तो इसका असर बालों पर भी पड़ सकता है। थायरॉयड की समस्या में बाल पतले होने लगते हैं और सामान्य से ज्यादा झड़ सकते हैं। सही जांच और इलाज से इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।

स्कैल्प फंगल इंफेक्शन

सिर की त्वचा में होने वाला फंगल इंफेक्शन भी बाल झड़ने का कारण बन सकता है। इसमें सिर में खुजली, लालपन, जलन, पपड़ी और बालों का टूटना जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं। कुछ मामलों में सिर के किसी हिस्से से बाल पूरी तरह खत्म हो सकते हैं। समय पर इलाज न कराने पर संक्रमण बढ़ सकता है।

लुपस बीमारी

लुपस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की इम्यूनिटी अपने ही स्वस्थ टिश्यू को नुकसान पहुंचाने लगती है। इसका असर त्वचा, जोड़ों और शरीर के अन्य हिस्सों के साथ-साथ बालों पर भी पड़ सकता है। इस बीमारी में बाल तेजी से झड़ने या पतले होने की शिकायत हो सकती है।

ट्राइकोटिलोमेनिया

यह एक मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या है, जिसमें व्यक्ति बार-बार अपने बाल खींचने लगता है। लंबे समय तक ऐसा करने से सिर के कुछ हिस्सों में बाल कम हो सकते हैं या खाली जगह दिखाई दे सकती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी होता है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

अगर बाल अचानक बहुत ज्यादा झड़ने लगें, सिर के किसी हिस्से से बाल कम होने लगें, लगातार बाल पतले होते जाएं या सिर की त्वचा में खुजली, दर्द, जलन, लालपन और पपड़ी जैसी समस्या हो, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

इसके अलावा अगर पूरे शरीर के बाल झड़ने लगें, बच्चों में बाल झड़ने की समस्या दिखाई दे या बाल झड़ने की वजह से तनाव और आत्मविश्वास में कमी महसूस होने लगे, तो विशेषज्ञ की मदद लेना बेहतर होता है।

बालों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें

बालों को मजबूत रखने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लेना जरूरी है। डाइट में प्रोटीन, आयरन, विटामिन और जरूरी पोषक तत्वों को शामिल करें। तनाव कम करने की कोशिश करें और पर्याप्त नींद लें।

बालों पर ज्यादा हीट देने वाले उपकरणों और तेज केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कम करें। बालों को बहुत ज्यादा कसकर बांधने से भी बचें, क्योंकि इससे बालों की जड़ों पर दबाव पड़ता है।

अगर लंबे समय तक बाल झड़ने की समस्या बनी रहती है, तो सिर्फ घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से जांच कराकर सही कारण पता करें और उसी के अनुसार इलाज शुरू करें।

बालों का झड़ना एक सामान्य समस्या हो सकती है, लेकिन लगातार बढ़ता हुआ हेयर फॉल शरीर में किसी बड़ी परेशानी का संकेत भी दे सकता है। इसलिए समय रहते लक्षणों को पहचानना और सही सलाह लेना बेहद जरूरी है। स्वस्थ खानपान, बेहतर जीवनशैली और सही देखभाल से बालों को मजबूत और स्वस्थ रखा जा सकता है।

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