जीटी रोड निर्माण में लापरवाही से चौपारण में महीनों से रोज लग रहा जाम, घंटों फंस रहे लोग, एंबुलेंस तक प्रभावित

चौपारण : चौपारण से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर निर्माण कार्य में बरती जा रही कथित लापरवाही के कारण आम लोगों की परेशानी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। यह कोई एक-दो दिन की समस्या नहीं, बल्कि कई महीनों से लगातार जारी संकट है। इसके बावजूद न तो निर्माण कंपनी और न ही संबंधित विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई होती दिखाई दे रही है।

चौपारण से सिंघरांवा मोड़, जोकठ, महुदी होते हुए चित्रमोह तक प्रतिदिन लंबा जाम लगना अब आम बात हो गई है। सुबह से शाम तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं और लोग रोजाना एक से दो घंटे तक जाम में फंसे रहने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि यदि किसी व्यक्ति को जरूरी काम से बाहर जाना हो तो समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

सबसे चिंताजनक स्थिति तब होती है जब जाम में एंबुलेंस फंस जाती है। मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में देरी होने से उनकी जान तक खतरे में पड़ सकती है। स्कूली बच्चे, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और दूर-दराज से आने-जाने वाले यात्री भी रोजाना इस अव्यवस्था का खामियाजा भुगत रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जोकठ, महुदी सहित पिलर संख्या 1 से 67 तक कई स्थानों पर डायवर्सन की स्थिति बेहद खराब है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिन्हें महीनों से नहीं भरा गया। बरसात शुरू होने के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना की आशंका और भी बढ़ गई है। कई जगह जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क तालाब जैसी नजर आती है।

लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव भी नहीं किया जाता, जिससे पहले धूल और गर्द से लोग परेशान थे, वहीं अब बरसात में कीचड़ और जलभराव ने मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं।

हाल ही में डीएसपी प्रेम किशोर ने निर्माणाधीन मार्ग का निरीक्षण कर निर्माण कंपनी के प्रतिनिधियों को आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए थे। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि न तो निर्माण कंपनी गंभीर है और न ही संबंधित विभाग प्रभावी मॉनिटरिंग कर रहा है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि चौपारण की जनता महीनों से इस अव्यवस्था को झेल रही है, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियां केवल आश्वासन देती हैं। कई बार समाचार पत्रों और मीडिया के माध्यम से इस समस्या को प्रमुखता से उठाया गया, फिर भी हालात जस के तस बने हुए हैं।

स्थानीय नागरिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), जिला प्रशासन और निर्माण कंपनी से मांग की है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, खराब डायवर्सन की तत्काल मरम्मत हो, सड़क के गड्ढे भरे जाएं, जल निकासी और नियमित पानी के छिड़काव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा प्रभावी मॉनिटरिंग कर चौपारण को महीनों से लग रहे रोजाना के जाम से स्थायी राहत दिलाई जाए। लोगों का कहना है कि यदि अब भी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।

रिपोर्टर : अमित सिंह

 

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