हारपूर कांड पर विधायक के बयान से ग्रामीणों में नाराजगी, बोले न्याय की मांग को राजनीति से न जोड़ें
चौपारण (हजारीबाग) : हारपूर गांव में एक महिला एवं उसके परिवार के साथ हुई कथित मारपीट की घटना को लेकर मंगलवार को पूर्व विधायक के आवास पर हुए प्रदर्शन के बाद बुधवार को ग्रामीणों ने बरही विधायक मनोज कुमार यादव द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। ग्रामीणों ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर राजनीतिक था और इसका उद्देश्य केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना तथा शेष नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित कराना था। ऐसे में आंदोलन को राजनीतिक चश्मे से देखना उचित नहीं है।ग्रामीणों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश का माहौल था। कई दिन बीत जाने के बावजूद सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने एकजुट होकर पूर्व विधायक आवास पहुंचकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का उद्देश्य प्रशासन का ध्यान पीड़ित परिवार की ओर आकर्षित करना और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करना था।ग्रामीणों ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान थाना प्रभारी पंकज कुमार एवं अंचल अधिकारी संजय यादव मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार और ग्रामीणों से वार्ता कर शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज करने का आश्वासन दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद ही आंदोलन स्थगित किया गया। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक उनकी न्याय की मांग जारी रहेगी।
इधर, विधायक मनोज कुमार यादव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर घटना पर दुख व्यक्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की तथा कहा कि कुछ लोग इस मामले को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक के इस बयान पर ग्रामीणों ने असहमति जताते हुए कहा कि उनका आंदोलन किसी दल, नेता या व्यक्ति के पक्ष अथवा विरोध में नहीं था। उनका कहना है कि इस प्रकार की प्रेस विज्ञप्ति से ऐसा प्रतीत होता है कि न्याय की मांग को राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है, जबकि ग्रामीणों की एकमात्र चिंता पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है। उनका कहना है कि ऐसे बयान मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने वाले हैं और इससे ग्रामीणों की भावनाएं भी आहत हुई हैं।
ग्रामीण कीर्ति सिंह ने कहा, "हम किसी राजनीतिक कार्यक्रम में नहीं गए थे। हम पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पूर्व विधायक के आवास पहुंचे थे। यदि घटना के बाद जनप्रतिनिधि गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिलते और उनका हालचाल लेते,तो शायद आंदोलन की नौबत नहीं आती।"
मनीष सिंह ने कहा, "हमारा उद्देश्य केवल दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है। ग्रामीणों की पीड़ा को राजनीति से जोड़ना उचित नहीं है।"
अभिषेक सिंह ने कहा, "हम गांव के लोग अपने विवेक से एकत्र हुए थे। हमारी एकमात्र मांग है कि सभी नामजद आरोपियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं शीघ्र कार्रवाई हो।"
विकास सिंह ने कहा, "प्रशासन ने कार्रवाई का भरोसा दिया है। अब पूरे गांव की नजर इस बात पर है कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी कब होती है।"
ग्रामीणों ने संयुक्त बयान में कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार के समर्थन और न्याय की मांग को लेकर था। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, सभी शेष नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने की मांग दोहराई।संयुक्त बयान जारी करने वालों में रमाशीष सिंह, मनीष सिंह, राकेश सिंह, विकास सिंह, मुकेश सिंह, अभिषेक सिंह, रोहित सिंह, विनय सिंह, कीर्ति सिंह, रामकुमार सिंह एवं मनजीत सिंह शामिल हैं।
रिपोर्टर : अमित सिंह
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