चौपारण CHC में डॉक्टरों के तबादले से स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित, कांग्रेस ने जताई चिंता
चौपारण (हजारीबाग) : चौपारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. डी. एन. ठाकुर तथा पूर्व प्रभारी डॉ. फरहाना खातून के हालिया स्थानांतरण के बाद क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कांग्रेस के जिला महासचिव विकास कुमार गुप्ता ने इस संबंध में गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार प्रशासनिक बदलाव और कथित राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि चौपारण प्रखंड भौगोलिक दृष्टि से काफी विस्तृत है और बड़ी आबादी इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर रहती है। ऐसे में वरिष्ठ चिकित्सकों के स्थानांतरण से अस्पताल की कार्यप्रणाली प्रभावित होने की संभावना है। उनका कहना है कि अस्पताल प्रशासन में लगातार बदलाव से स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
विकास कुमार गुप्ता ने विशेष रूप से आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चौपारण राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-2) पर स्थित होने के कारण यहां अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे में अनुभवी चिकित्सकों की कमी होने पर दुर्घटना पीड़ितों को समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने में कठिनाई हो सकती है, जिससे कई मामलों में मरीजों को हजारीबाग रेफर करना पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि नियमित ओपीडी सेवाओं, मौसमी बीमारियों के उपचार तथा महिला स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका असर पड़ सकता है। डॉ. फरहाना खातून के स्थानांतरण के बाद गर्भवती महिलाओं एवं संस्थागत प्रसव जैसी सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की गई है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सक उपलब्ध नहीं होंगे, तो आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
विकास कुमार गुप्ता ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित को प्राथमिकता देते हुए चौपारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त एवं स्थायी चिकित्सकों की शीघ्र तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
रिपोर्टर : अमित सिंह
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