नमनदीप पब्लिक स्कूल में डांडिया महोत्सव की धूम, पारंपरिक परिधान में सजे बच्चों ने बिखेरा जलवा
चौपारण (हजारीबाग) : चौपारण प्रखंड के दनुआ स्थित नमनदीप पब्लिक स्कूल में नवरात्रि एवं दशहरा के पावन अवसर पर भव्य डांडिया महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों ने डांडिया की धुन पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। पूरे विद्यालय परिसर में उत्सव, उमंग और सांस्कृतिक एकता का सुंदर नजारा देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश प्रसाद केसरी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, पारंपरिक रीति-रिवाजों और लोककलाओं से परिचित कराने के साथ उनमें सामूहिक सहभागिता एवं सांस्कृतिक एकता की भावना विकसित करना था।
महोत्सव में एलकेजी से कक्षा आठवीं तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चे गुजराती पारंपरिक वेशभूषा, चनिया-चोली और कुर्ता-पायजामा में बेहद आकर्षक नजर आए। रंग-बिरंगी डांडिया स्टिक्स के साथ विद्यार्थियों ने संगीत की धुन पर ताल से ताल मिलाकर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के शानदार प्रदर्शन पर उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में शिक्षकों एवं अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी रही। बच्चों की प्रस्तुतियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित हुए। इस अवसर पर शिक्षक अमित कुमार केसरी, रंजन रजक, उमेश कुमार, महेश ठाकुर, मोनिका कुमारी, अंजली कुमारी एवं निशा कुमारी सहित अन्य गणमान्य लोग और अभिभावक मौजूद रहे।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मिला सम्मान
डांडिया महोत्सव के अंत में उत्कृष्ट नृत्य प्रस्तुति देने वाले विद्यार्थियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर सम्मानित किया गया। इसमें *सृष्टि एवं शालिनी ने प्रथम, संजना केसरी एवं संजना रानी ने द्वितीय तथा सुरभि कुमारी एवं फलक नाज ने तृतीय स्थान* प्राप्त किया। वहीं, पारंपरिक पोशाक प्रतियोगिता में सोनाली कुमारी ने अपनी आकर्षक वेशभूषा के दम पर प्रथम स्थान हासिल किया।
सांस्कृतिक गतिविधियों से बच्चों का सर्वांगीण विकास
विद्यालय के इस आयोजन ने विद्यार्थियों को मनोरंजन के साथ भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को करीब से जानने और समझने का अवसर प्रदान किया। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता, अनुशासन, आपसी सहयोग और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महोत्सव ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियां भी बच्चों के सर्वांगीण विकास का अभिन्न हिस्सा हैं। नमनदीप पब्लिक स्कूल, दनुआ का यह डांडिया महोत्सव विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए यादगार बन गया।
रिपोर्टर : अमित सिंह

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