“रोड नहीं तो टोल नहीं” के नारे से गूंजा बरही, रसोइया धामना टोल प्लाजा बंद करने की मांग पर पूर्व विधायक का धरना
बरही : राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर बदहाल सड़कों, जर्जर डायवर्सन और लगातार लगने वाले जाम के खिलाफ रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को बरही में जनआक्रोश देखने को मिला। पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला यादव के नेतृत्व में रसोइया धामना टोल प्लाजा को बंद करने की मांग को लेकर लगभग डेढ़ घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “रोड नहीं तो टोल नहीं” का नारा बुलंद करते हुए सड़क निर्माण की धीमी गति और बदहाल यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
धरना-प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला यादव ने कहा कि चोरदाहा से गौरहर तक छह लेन सड़क परियोजना के तहत विभिन्न स्थानों पर बन रहे ओवरब्रिज के डायवर्सन की स्थिति बेहद जर्जर है। इन रास्तों पर भारी वाहनों के परिचालन में परेशानी होती है, वहीं छोटे वाहनों और मोटरसाइकिल चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। उन्होंने कहा कि खराब सड़क और असुरक्षित डायवर्सन के कारण कई निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि सड़क की बदहाली के कारण चौपारण से बरकट्ठा तक अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों के वाहन, एंबुलेंस और जरूरी काम से यात्रा करने वाले स्थानीय लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं। इसके बावजूद सड़क निर्माण और मरम्मत का काम अपेक्षित गति से नहीं हो रहा है।
दस वर्षों से चल रहा छह लेन का काम, आखिर कब सुधरेगी सड़क?
पूर्व विधायक ने एनएचएआई के परियोजना निदेशक से सवाल किया कि छह लेन सड़क निर्माण का कार्य लगभग दस वर्षों से चल रहा है, लेकिन अब तक लोगों को सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा क्यों नहीं मिल पाई है? चौपारण में ओवरब्रिज निर्माण सहित विभिन्न स्थानों पर चल रहे कार्यों के कारण उत्पन्न समस्याओं का स्थायी समाधान कब होगा? उन्होंने मांग की कि टूटे हुए मार्गों और जर्जर डायवर्सन की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं और जाम से लोगों को राहत मिल सके।
उमाशंकर अकेला यादव ने स्थानीय विधायक मनोज कुमार यादव, सांसद मनीष जायसवाल और सांसद अन्नपूर्णा देवी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि वे क्षेत्र की जनता की समस्याओं को गंभीरता से उठाएं और संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर सड़क की स्थिति सुधारने के लिए ठोस पहल करें।
एनएचएआई ने दिया मरम्मत और निर्माण में तेजी का भरोसा
धरना-प्रदर्शन के दौरान एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने अपनी बात रखते हुए कहा कि टोल प्लाजा सरकार के राजस्व से संबंधित व्यवस्था का हिस्सा है, इसलिए इसे बंद नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छह लेन सड़क परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है।
परियोजना निदेशक के अनुसार, ओवरब्रिज निर्माण के कारण कई स्थानों पर भारी वाहनों को सर्विस रोड और डायवर्सन से गुजरना पड़ रहा है। सर्विस रोड का निर्माण मुख्य रूप से कम वजन वाले वाहनों के आवागमन को ध्यान में रखकर किया जाता है। भारी वाहनों के लगातार परिचालन के कारण इन सड़कों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि बरसात के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत कराई गई थी।
उन्होंने आगे कहा कि निर्माण कार्य में आ रही विभिन्न समस्याओं के समाधान और अतिरिक्त कार्य कराने के लिए कुछ प्रस्ताव मुख्यालय को भेजे गए हैं। साथ ही, जहां-जहां डायवर्सन की सड़कें खराब हैं, वहां जल्द मरम्मत का काम शुरू कराने का आश्वासन दिया।
प्रशासन रहा मुस्तैद
धरना-प्रदर्शन के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बरही के एसडीपीओ राधा प्रेम किशोर, अंचल अधिकारी चंद्रशेखर कुणाल और बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार यादव पुलिस बल के साथ मौके पर मुस्तैद रहे।
अब आश्वासन नहीं, धरातल पर काम का इंतजार
रसोइया धामना टोल प्लाजा के खिलाफ हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर छह लेन सड़क परियोजना की धीमी प्रगति, जर्जर डायवर्सन और आम लोगों की सुरक्षा का मुद्दा सामने ला दिया है। अब सवाल यह है कि क्या एनएचएआई का मरम्मत का आश्वासन जल्द धरातल पर उतरेगा और लोगों को जाम व दुर्घटनाओं से राहत मिलेगी, या फिर क्षेत्र की जनता को बदहाल सड़कों के बीच ही सफर करने को मजबूर रहना पड़ेगा?
रिपोर्टर : राहुल राणा

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