एचपीसीएल प्लांट में श्रमिकों का फूटा आक्रोश, अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
बरही : कोनरा स्थित जीआडा (रियाडा) के एचपीसीएल एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में कार्यरत ठेका श्रमिकों ने कथित प्रताड़ना और काम से हटाने की धमकी के खिलाफ आवाज बुलंद की है। सोमवार को श्रमिकों ने बरही के अनुमंडलाधिकारी जोहन टुडू, अंचलाधिकारी चंद्रशेखर कुणाल और थाना प्रभारी विनोद कुमार को ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप करने और न्याय दिलाने की मांग की। श्रमिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने को बाध्य होंगे।
श्रमिकों की ओर से एचपीसीएल के डीजीएम को संबोधित ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि उनसे मनमानी शर्तों वाले दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसा करने से इनकार करने पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और नौकरी से हटाने की धमकी दिए जाने की बात कही गई है। श्रमिकों का कहना है कि वे 6 जुलाई 2022 से प्लांट में ठेका मजदूर के रूप में काम कर रहे हैं। प्लांट का संचालन मेकिंन इंजीनियरिंग कंपनी करती है, जबकि बालाजी डिटेक्टिव फोर्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से श्रमिकों की आपूर्ति की जाती है।
रोजगार पर संकट की आशंका, प्रशासन से हस्तक्षेप की गुहार
श्रमिकों ने अपने ज्ञापन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने और कथित प्रताड़ना पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि काम के दौरान उन पर अनुचित शर्तें थोपने का दबाव बनाया जाना चिंताजनक है। श्रमिकों ने प्रबंधन से समस्या का समाधान निकालने की अपील करते हुए चेताया कि उनकी मांगों की अनदेखी होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
एसडीओ ने दिया वार्ता कराने का भरोसा
मामले पर बरही एसडीओ जोहन टुडू ने कहा कि श्रमिकों का ज्ञापन प्राप्त हुआ है। समस्या के समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाएगी। उन्होंने एचपीसीएल प्रबंधन और श्रमिकों के बीच जल्द वार्ता कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया, ताकि विवाद का समाधान निकाला जा सके।
बड़ी संख्या में श्रमिकों ने सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन सौंपने वालों में रुपेश सिंह, अनुज कुमार, अभिषेक कुमार, एजाजुल, अलीशान, अहमद अंधार, विकास यादव, गणेश सिंह, मिथुन सिंह, संजय पासवान, नूर हसन, नवीन पासवान, सूरज कुमार, अखिलेश सिंह, रोहित सिंह, रोहित यादव, प्रथम यादव, निशांत सिंह, उमेश, वीरेंद्र यादव, राजेंद्र यादव, विक्रम कुमार सिंह, मयंक वर्मा, प्रितेश कुमार, सौरव कुमार, पंकज कुमार, सुनील पासवान, सुकीला, सतीश विश्वकर्मा, सुधीर यादव, श्रवण यादव, प्रदीप यादव, दीपक यादव, राजू यादव, स्पेश कुमार, गुड्डू आलम, एकबाल आलम, अरमान, रिपु दुबे, शमशेर आलम, गणेश साव, अमन मिश्रा, विनोद कुमार, संजय राम, अहमद, राजू साव, सुरेश यादव, सीधेश्वर यादव और इनामुल हक सहित अन्य श्रमिक शामिल थे।
अब निगाहें प्रबंधन और प्रशासन की अगली पहल पर टिकी हैं। वार्ता के जरिए विवाद का समाधान निकलता है या श्रमिक अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता चुनते हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
रिपोर्टर : राहुल राणा

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