दनुआ घाटी में हादसों की काली रात: एक ही रात में तीन सड़क दुर्घटनाएं, ट्रक 60 फीट गहरी खाई में गिरा
चौपारण हजारीबाग - कुख्यात दनुआ घाटी एक बार फिर सड़क हादसों की काली रात की गवाह बनी। बीती रात घाटी में एक के बाद एक तीन सड़क दुर्घटनाओं ने पूरे इलाके को दहला दिया। कहीं डस्ट लदा ट्रेलर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया, तो कहीं पोर्टेबल ऑफिस केबिन लेकर जा रहा ट्रेलर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वहीं तीसरा हादसा इतना भयावह था कि एक ट्रक करीब 60 फीट गहरी खाई में जा गिरा, जिसमें चालक और एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। डस्ट लदा ट्रेलर गड्ढे में पलटा
दनुआ घाटी में पहली दुर्घटना डस्ट लदे एक ट्रेलर के अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलटने से हुई। ट्रेलर गड्ढे में जाकर पलट गया और वहीं फंस गया। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पोर्टेबल ऑफिस केबिन लदा ट्रेलर भी दुर्घटनाग्रस्त दूसरी दुर्घटना जोड़ीरही पुल के समीप हुई। ट्रेलर संख्या BR01GG 6847 रांची से पटना की ओर जा रहा था। वाहन पर बना-बनाया पोर्टेबल ऑफिस केबिन लदा हुआ था। घाटी में वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया। हादसे में चालक जगदीश दास (42 वर्ष), पिता छतरा दास, निवासी बरही, हजारीबाग तथा उपचालक रामेश्वर रविदास (25 वर्ष), पिता भुनेश्वर रविदास, निवासी कोडरमा गंभीर रूप से घायल हो गए।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही NHAI की 1033 एंबुलेंस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। दोनों घायलों को तत्काल चौपारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज कराया गया। तीसरा हादसा सबसे भयावह, 60 फीट गहरी खाई में गिरा ट्रक रात का तीसरा हादसा सबसे दर्दनाक और भयावह रहा। ट्रक संख्या BR06GD 9027 झारखंड से बिहार की ओर जा रहा था। इसी दौरान दनुआ घाटी में वाहन अनियंत्रित होकर करीब 60 फीट गहरी खाई में जा गिरा। ट्रक घाटी के नीचे बड़े नाले में जा गिरा, जिससे चालक और एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। मृत चालक की पहचान अरविंद कुमार (30 वर्ष), पिता मोख्तार कुमार, निवासी बिहार के रूप में हुई है। बताया गया कि दुर्घटना के बाद चालक की सांसें चल रही थीं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पंकज कुमार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत कर चालक को क्षतिग्रस्त ट्रक से बाहर निकाला और तत्काल चौपारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
वहीं ट्रक के केबिन और लदे माल के मलबे में एक अन्य व्यक्ति के दबे होने की आशंका थी। पुलिस और स्थानीय लोगों ने घंटों मशक्कत के बाद मलबा हटाकर शव बाहर निकाला। मृतक की पहचान फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। ट्रक मालिक से मिली जानकारी के अनुसार चालक घर से अकेले निकला था, जिससे दूसरे मृतक की पहचान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। एक ही रात में तीन हादसों से सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल दनुआ घाटी में एक ही रात में हुई तीन दुर्घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रहे हादसों और मौतों के बावजूद इस खतरनाक घाटी में स्थायी सुरक्षा उपायों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटी के तीखे मोड़, सड़क की तकनीकी खामियां, पर्याप्त सुरक्षा बैरियर की कमी, प्रकाश व्यवस्था का अभाव तथा भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रही है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभाग को केवल हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और स्थायी कदम उठाने चाहिए। घाटी की सड़क संरचना, खतरनाक मोड़ों, क्रैश बैरियर, चेतावनी संकेतकों, प्रकाश व्यवस्था तथा भारी वाहनों की निगरानी की तत्काल तकनीकी समीक्षा कर आवश्यक सुधार कराया जाना जरूरी है। लगातार हादसों से दनुआ घाटी अब लोगों के लिए मौत के खतरे का पर्याय बनती जा रही है। सवाल यही है कि आखिर कब रुकेगा यहां हादसों और मौतों का सिलसिला और कब प्रशासन इस खतरनाक घाटी को सुरक्षित बनाने के लिए स्थायी समाधान की दिशा में गंभीर कदम उठाएगा।
रिपोर्टर - अमित सिंह
No Previous Comments found.