हनुमान जन्मोत्सव के लिए पारंपरिक मोतीचूर लड्डू रेसिपी
2 अप्रैल को पूरे देश में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रहती है और हनुमान जी के प्रिय भोगों में मोतीचूर लड्डू विशेष स्थान रखते हैं।

केसरिया रंग की ये छोटे-छोटे लड्डू न सिर्फ देखने में सुंदर लगते हैं, बल्कि इनके स्वाद का आनंद भी लाजवाब होता है। अगर आप इस पावन अवसर पर घर पर ही शुद्ध और स्वादिष्ट मोतीचूर लड्डू बनाना चाहते हैं, तो यहाँ आसान तरीका दिया गया है।
सामग्री:
- बेसन – 2 कप
- चीनी – 1.5 कप (चाशनी के लिए)
- देसी घी – तलने के लिए
- खरबूजे के बीज – 2 बड़े चम्मच
- इलायची पाउडर – 1 छोटा चम्मच
- केसरिया रंग – एक चुटकी
- केसर के धागे – 7-8
बनाने की विधि:
बेसन का घोल तैयार करें:
सबसे पहले बेसन को अच्छे से छान लें ताकि उसमें कोई गुठली न रहे। धीरे-धीरे पानी मिलाकर एक पतला, चिकना घोल बनाएं। ध्यान रखें कि घोल न ज्यादा गाढ़ा हो और न बहुत पतला। इसमें एक चुटकी केसरिया रंग डालकर मिलाएं ताकि बूंदी का रंग सुंदर हो।
बूंदी तलें:
एक गहरी कड़ाही में देसी घी गरम करें। मोतीचूर लड्डू के लिए बहुत बारीक झारा आवश्यक है। जब घी पूरी तरह गरम हो जाए, झारे को कड़ाही के ऊपर रखें और बेसन का घोल झारे में डालें। झारे को हल्का-हल्का ठोकें जिससे छोटे-छोटे मोती जैसी बूंदी घी में गिरें। बूंदी को केवल कुछ सेकंड के लिए तलें ताकि यह नरम रहे।
चाशनी तैयार करें:
एक अलग पैन में चीनी और 1 कप पानी डालकर हल्का गर्म करें। इसमें इलायची पाउडर और केसर के धागे डालें। चाशनी को इतनी तैयार करें कि यह हल्की चिपचिपी हो जाए, अधिक गाढ़ी या तार जैसी न बने।
बूंदी और चाशनी मिलाएं:
तैयार बूंदी को चाशनी में डालें और खरबूजे के बीज भी मिलाएं। धीमी आंच पर 2–3 मिनट तक पकाएं ताकि बूंदी चाशनी को अच्छे से सोख ले और नरम हो जाए। इसके बाद आंच बंद कर दें और मिश्रण को ढककर 10–15 मिनट के लिए रखें।
लड्डू बनाएं:
मिश्रण हल्का गर्म होने पर हाथों पर थोड़ा घी लगाएं और गोल-गोल लड्डू तैयार करें।

इस तरह आप घर पर ही शुद्ध, आकर्षक और स्वादिष्ट मोतीचूर लड्डू तैयार कर सकते हैं, जो हनुमान जन्मोत्सव के भोग के लिए बिल्कुल उपयुक्त हैं।
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