भारत के 5 सबसे प्रसिद्ध हनुमान मंदिर, जिनके दर्शन करने से बदल जाएगा आपका जीवन!

हनुमान जी, जिन्हें बजरंगबली और अंजनीसुत के नाम से भी जाना जाता है, संकटमोचन और शक्ति के प्रतीक हैं। भारत में हनुमान जी के कई मंदिर हैं, लेकिन कुछ मंदिर अपने इतिहास, भव्यता और आस्था के कारण बहुत प्रसिद्ध हैं। यहाँ हम 5 प्रमुख हनुमान मंदिरों का विवरण दे रहे हैं।

1. हनुमानगढ़ी मंदिर – अयोध्या, उत्तर प्रदेश

 

हनुमान गढ़ी, अयोध्या - टाइम्सट्रैवल

 

स्थान: अयोध्या, उत्तर प्रदेश
हनुमानगढ़ी मंदिर अयोध्या के सबसे प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में से एक है। इसका निर्माण लगभग 10वीं सदी में हुआ था और इसे हनुमान की गढ़ी यानी सुरक्षा स्थान माना जाता है।

इतिहास और मान्यता:
कथा के अनुसार, श्रीराम–रावण युद्ध के बाद भगवान हनुमान जी अयोध्या में रामकोट की रक्षा हेतु यहाँ रहने आए थे। बाद में राजा विक्रमादित्य ने मंदिर का निर्माण करवाया।

विशेषताएँ:

मंदिर की मुख्य प्रतिमा हनुमान जी को बाल रूप में माता अंजनी के कलेजे पर बैठे दिखाती है।

हनुमान चालीसा के श्लोक दीवारों पर खुदे हुए हैं।

हनुमान जयंती, बड़ा मंगल और दशहरा जैसे त्योहार यहाँ श्रद्धा से मनाए जाते हैं।

अधिक जानकारी और दर्शन: विकिपीडिया लिंक

 

2. सालासर बालाजी मंदिर – सालासर, राजस्थान

 

 

स्थान: सालासर, चूरू जिला, राजस्थान
सालासर बालाजी मंदिर राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में से एक है।

इतिहास और मान्यता:
1754 ई. में नागौर जिले के एक किसान ने हल चलाते समय यहाँ मूर्ति खोजी। स्वप्नदर्शन के अनुसार मूर्ति को सालासर लाकर स्थापित किया गया।

विशेषताएँ:

हनुमान जी की मूर्ति में दाढ़ी और मूंछ हैं।

चैत्र पूर्णिमा और अश्विन पूर्णिमा पर बड़े मेले आयोजित होते हैं।

भक्त यहाँ नारियल चढ़ाते हैं और मनोकामनाएँ पूरी होने की प्रार्थना करते हैं।

 

3. मेहंदीपुर बालाजी मंदिर – मेहंदीपुर, राजस्थान

 

about

 

स्थान: मेहंदीपुर, दौसा जिला, राजस्थान
यह मंदिर हनुमान जी के बालाजी रूप को समर्पित है और भूत‑प्रेत बाधाओं से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है।

इतिहास और मान्यता:
यहाँ हनुमान जी बाल रूप में प्रकट हुए और लोगों को कठिनाइयों से बचाया। यह मंदिर अपने झाड़‑फूंक और भूत‑प्रेत निवारण के लिए प्रसिद्ध है।

विशेषताएँ:

मनोकामना‑पूर्ति और रोग/बाधा निवारण के लिए भक्त यहाँ आते हैं।

दर्शन के पहले और बाद के कुछ नियम पालन करना जरूरी होता है।

प्रसाद को घर ले जाना वर्जित है।

 

4. पूनरासर बालाजी मंदिर – पूनरासर, राजस्थान

 

 

स्थान: पूनरासर, बीकानेर जिला, राजस्थान
यह मंदिर बीकानेर के पास स्थित है और इसे पूनरासर बाबा का मंदिर भी कहा जाता है।

इतिहास और मान्यता:
विक्रम संवत 1775 (1718 ई.) में स्थापित हुआ। गाँव में अकाल पड़ा तो भगवान हनुमान की मूर्ति यहाँ स्थापित की गई।

विशेषताएँ:

मंदिर रेत‑टिब्बों से घिरा हुआ है।

पारंपरिक चूरमा प्रसाद भक्तों को भोग के रूप में दिया जाता है।

चैत और भाद्रपद में उत्सव और मेले आयोजित होते हैं।

 

5. नमक्कल अंजनैयार मंदिर – नमक्कल, तमिलनाडु

 

 

स्थान: नमक्कल, तमिलनाडु
नमक्कल अनजनैयार मंदिर दक्षिण भारत के सबसे बड़े हनुमान मंदिरों में से एक है। यहाँ हनुमान जी की प्रतिमा लगभग 18 फीट ऊँची है।

मान्यता और कथा:
यह मंदिर वैखानस परंपरा का अनुसरण करता है। हनुमान जी को अनजनैयार कहा जाता है।

विशेषताएँ:

विशाल प्रतिमा देशभर के भक्तों को आकर्षित करती है।

मंदिर की परंपरा दक्षिण भारतीय शैली में बनी है।


भारत में हनुमान जी के मंदिर न केवल धार्मिक स्थल हैं, बल्कि ये आस्था, शक्ति और मानसिक शांति के प्रतीक भी हैं। इन मंदिरों में जाकर भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं और हनुमान जी की भक्ति से साहस और उत्साह पाते हैं।

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