आज मंगलवार को बन रहा है बड़ा योग ,जानें हनुमान जी की पूजा विधि एवं शुभ मुहूर्त

आज का दिन हनुमान जी को समर्पित होता है भगवान हनुमान जी  को महादेव का 11वां अवतार भी माना जाता है। कहते है जो कोई सच्चे मन से हनुमान जी की पूजा  व  व्रत  करते है उसे हनुमान जी का आशीष प्राप्त होता है। आज आषाढ़ मास की शुक्ल चतुर्थी तिथि दिन मंगलवार है. आज इस विशेष योग में हनुमान जी की पूजा करने से मनवांछित फल मिलता है.

हनुमान जी हैं कलयुग के प्रत्यक्ष देवता

भगवान श्री राम के अनन्य भक्त हनुमान जी आज भी पृथ्वी पर विचरण कर रहें हैं. इसीलिए उन्हें कलयुग का प्रत्यक्ष देवता माना जाता है. हनुमान भक्त उन्हें बजरंगबली और महावीर जैसे अनेक नामों से भी पुकारते हैं क्योंकि वे परम शक्तिशाली हैं. ये अपने भक्तों के संकट हर लेते हैं इसीलिए इन्हें नाम संकटमोचन भी कहते है.

हनुमान जी हैं 11वें रुद्रावतार और आज भी जीवित
धार्मिक मान्यता है कि हनुमान जी 11वें रुद्रावतार हैं और वे अजर-अमर हैं. यह भी कहा जाता है कि राम भक्त हनुमान जी अपने भक्तों के कष्टों को हरने के लिए आज भी धरती पर विचरण कर रहें हैं. ऐसी मान्यता है कि जहां भी अखंड रामायण का पाठ श्रद्धापूर्वक एवं विधि विधान से किया जाता है. वहां हनुमान जी किसी न किसी रूप में जरूर पहुंचते हैं.

मंगलवार को इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा
आज मंगलवार  को इस सिद्धि योग में हनुमान जी की पूजा करने एवं हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ करने से उनकी असीम कृपा प्राप्त होती है और वे अपने भक्तों के संकट हर लेते हैं. यह सिद्धि योग आज  13 जुलाई को दोपहर 02 बजकर 49 मिनट तक रहेगा.

हिंदू पंचांग के मुताबिक़, आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि दिन मंगलवार, तारीख 13 जुलाई 2021 है. मंगलवार का दिन संकट मोचक हनुमान जी को समर्पित होता है. हिंदू धर्म में आषाढ़ मास में मंगलवार के दिन हनुमान जी पूजा का ख़ास महत्व है. इस दिन सिद्धि योग बना हुआ है. इस योग में हनुमान जी की पूजा करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है.धार्मिक मान्यता है कि मंगलवार के दिन सिद्धि योग में पूजा करने से हनुमान जी अति शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों के संकट दूर कर उनके मनोरथ पूरे करते हैं.

सिद्धि योग- पंचांग के अनुसार 13 जुलाई मंगलवार को सिद्धि योग दोपहर 02 बजकर 47 मिनट तक बना हुआ है. इस दिन मघा नक्षत्र है और इनके  स्वामी केतु हैं. इस योग में पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है.

आज विनायाक चतुर्थी भी : पंचांग के अनुसार, आज आषाढ़ मास की शुक्ल चतुर्थी है. इसे विनायक चतुर्थी भी कहते हैं. इस दिन व्रत रखने और गणेश की पूजा करने से भगवान गणेश जी बहुत प्रसन्न होते हैं. ये भी सभी संकटों का नाश करने वाले और मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाले हैं.

 

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