मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। उच्च सदन के लिए हुए इस उपचुनाव में अन्य दो उम्मीदवारों के नामांकन पत्र जांच के दौरान खारिज हो जाने के बाद हरदीप सिंह पुरी ही मैदान में एकमात्र वैध उम्मीदवार बचे थे। नामांकन वापस लेने की तय समयावधि समाप्त होने के बाद चुनाव अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कर दी।

प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्राप्त किया जीत का प्रमाण पत्र

नामांकन वापस लेने की सीमा समाप्त होने के तुरंत बाद रिटर्निंग ऑफिसर उमेश कुमार शर्मा ने मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में जीत का आधिकारिक प्रमाण पत्र जारी किया। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की ओर से यह प्रमाण पत्र भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्राप्त किया।

इस अवसर पर राज्य के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे। हरदीप सिंह पुरी की इस जीत से उच्च सदन में बीजेपी की स्थिति और अधिक मजबूत हुई है।

स्क्रूटनी में खारिज हुए विरोधी उम्मीदवारों के नामांकन

चुनाव अधिकारियों द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उपचुनाव के लिए दाखिल किए गए दो अन्य उम्मीदवारों—राजकुमार लोहानी और कांटे सायन्ना—के नामांकन पत्र जांच के दौरान निरस्त कर दिए गए। कांटे सायन्ना का नामांकन इसलिए रद्द किया गया क्योंकि वे राज्य विधानसभा के 10 प्रतिशत निर्वाचित सदस्यों या कम से कम 10 विधायकों के अनिवार्य समर्थन के हस्ताक्षर जमा करने की शर्त को पूरा नहीं कर सके।

वहीं दूसरे उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का नामांकन निर्धारित समयावधि तक अनिवार्य शपथ पत्र (फॉर्म 26) जमा न करने के कारण खारिज कर दिया गया। कांग्रेस नेताओं और निर्दलीय उम्मीदवारों द्वारा दर्ज कराई गई आपत्तियों को चुनाव अधिकारी ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था, जिससे हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया।

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