कछौना पुल पर 'विकास' की पोल, PNC कंपनी की मनमानी से जनता बेहाल
हरदोई - कछौना के लखनऊ-हरदोई मार्ग के पुल का हाल बेहाल जो भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की जीती-जागति मिसाल बन चुका है। करोड़ों की लागत से बना यह पुल, खराब मटेरियल के इस्तेमाल के कारण अपनी जगह से 'बैठ' गया है। लेकिन पुल का बैठना तो सिर्फ ट्रेलर था,असली परेशान यहाँ की जनता के लिए PNC कंपनी की उस मनमानी ने खड़ी कर दी है जिसने पूरे कछौना की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। मरम्मत के नाम पर लखनऊ से हरदोई जाने वाले मार्ग को एक तरफ से पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है। पुल से महज 1 किमी दूर चिरकाठी कट को डंपर से मिट्टी डालकर अवैध तरीके से बंद कर दिया गया है। इससे सर्विस लाइन का आवागमन पूरी तरह ठप्प है। सारा ट्रैफिक एक ही संकरी सर्विस लाइन पर मोड़ दिया गया है। भारी वाहन,बसें और बाइकें एक-दूसरे में फंसी हुई हैं,जिससे कई किलोमीटर लंबा जाम लग रहा है। सबसे शर्मनाक बात यह है कि घंटों लंबे इस जाम में एंबुलेंस जैसी जीवनदायिनी गाड़ियां भी फंसी हुई हैं। क्या कंपनी को किसी की जान की कोई परवाह नहीं है?
क्या PNC कंपनी जिला प्रशासन से ऊपर हो गई है? अपनी सुविधा के लिए जनता की दिनचर्या को स्थगित कर देना कहाँ का न्याय है? पुल का निर्माण घटिया, मरम्मत का तरीका घटिया, और मैनेजमेंट उससे भी ज्यादा घटिया। कछौना की जनता आज यह पूछ रही है कि इस 'सुनियोजित जाम' और मानसिक प्रताड़ना का जिम्मेदार कौन है? चिरकाठी कट को तत्काल प्रभाव से खोला जाए और सर्विस रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम किया जाए। वरना यह जाम सिर्फ सड़कों पर नहीं, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करेगा।
संवाददाता - अनुराग सिंह

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