हरदोई-लखनऊ मार्ग पर मौत का तांडव

हरदोई - रफ़्तार का कहर और लापरवाही का नतीजा एक बार फिर मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ा है। कल शाम हरदोई-लखनऊ मार्ग पर कछौना कोतवाली के भीरीघाट के पास जो मंजर देखा गया, उसने रूह कंपा दी। यहाँ एक के बाद एक तीन गाड़ियाँ काल का ग्रास बनते-बनते बचीं! प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो सड़क पर मौत बनकर दौड़ रहे एक डंपर में पीछे से तेज़ रफ़्तार ट्रक जा घुसा, और उस ट्रक की चपेट में आ गई पीछे से आ रही वैगनआर कार (UP32 VN 0051)। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। आप देख सकते हैं, ट्रक (PB13 AW 5567) का अगला हिस्सा पूरी तरह तबाह हो चुका है। और एक जरूरी बात बताई जाए तो यह वही मौत के डंपर है जो डीएम आदेश से मिट्टी खनन में चल रहे वैसे तो पुलिस कहती है कि मीडिया वाले कौन होते है मिट्टी खनन का परमिट मागने वाले ये तो पुलिस की जिम्मेदारी है ये शब्द थे एक वीर सिपाही के जो कछौना कोतवाली में ही तैनात है लेकिन अब क्या वह इस हादसे को अपनी जिम्मेदारी समझेंगे या फिर ये डंपर रोज खुलेआम दौड़ेंगे।

इस भीषण भिड़ंत में कई लोग लहूलुहान हुए हैं।

नूर आलम की हालत नाजुक बनी हुई है, सिर में गंभीर चोट आने के कारण उन्हें तत्काल लखनऊ रेफर कर दिया गया है।
अतुल तिवारी, वीर बहादुर और रवि का इलाज अस्पताल में जारी है, जहाँ वे अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
सबसे शर्मनाक बात यह है कि हादसे को अंजाम देने के बाद डंपर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक ये बेखौफ ड्राइवर सड़कों पर यमराज बनकर घूमेंगे? लखनऊ से हरदोई की तरफ जा रहे इन भारी वाहनों की रफ़्तार पर लगाम लगाने वाला आखिर कोई क्यों नहीं है? पुलिस प्रशासन अब डंपर की तलाश में जुटी है, लेकिन घायल परिवारों के दर्द का हिसाब कौन देगा?

 संवाददाता - अनुराग सिंह 

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