संवेदनहीनता की हद,कछौना में फिर मिला मासूम का शव
हरदोई - सदरबाजार के पीछे स्थित खंती के पानी में एक नवजात शिशु का शव उतराता हुआ मिला। ज़रा सोचिए, उस मासूम का क्या कसूर था? लेकिन उससे भी बड़ा सवाल उन पर है जिनकी ज़िम्मेदारी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अभी कुछ ही दिन पहले इसी सदरबाजार के पीछे वाले बाग में एक अज्ञात शव मिला था। उस केस की गुत्थी सुलझी भी नहीं थी,पुलिस के हाथ अभी खाली ही थे कि अपराधियों ने प्रशासन के खौफ को ठेंगा दिखाते हुए एक और मासूम की लाश यहाँ फेंक दी।
प्रशासन और टाउन अथॉरिटी इस बात से भली-भांति वाकिफ हैं कि यह पूरा इलाका सुनसान है और यहाँ असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। तो आखिर क्यों अब तक यहाँ CCTV कैमरों का जाल नहीं बिछाया गया? क्यों यहाँ पुलिस गश्त केवल कागजों तक सीमित है? क्या प्रशासन किसी और बड़ी वारदात का इंतज़ार कर रहा है? यह सीधे तौर पर एक चेतावनी है— कछौना की जनता अब और खामोश नहीं रहेगी। अगर इस सुनसान इलाके में प्रशासनिक सुविधाएं नहीं बढ़ाई गईं, अगर यहाँ रोशनी और कैमरों का इंतजाम तुरंत नहीं किया गया, तो यह माना जाएगा कि प्रशासन खुद अपराधियों को न्योता दे रहा है। कछौना पुलिस और नगर प्रशासन होश में आए और इस 'डेथ ज़ोन' बन चुके इलाके को सुरक्षित करे, वरना जवाबदेही तय होनी तय है।
संवाददाता - अनुराग सिंह


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