भक्ति में सराबोर हुआ नैरा ग्राम, सुंदरकांड पाठ और भव्य भंडारे से महका आध्यात्मिक परिवेश।

कछौना : ज्येष्ठ मास की महिमा और बजरंगबली की कृपा का अनोखा संगम आज हमें कछौना क्षेत्र के पावन ग्राम नैरा में देखने को मिल रहा है। आज ज्येष्ठ मास का पावन तृतीय बड़ा मंगलवार है, और इस बेहद शुभ अवसर पर ग्राम नैरा भक्ति के एक ऐसे पावन महासागर में डूब चुका है, जिसकी छटा देखते ही बन रही है। ग्राम निवासी सोमपाल सिंह के पौत्र शिवम सिंह के सौजन्य से एक अत्यंत भव्य और अलौकिक सुंदरकांड पाठ एवं विशाल भंडारे (श्री बालाजी भंडारा) का ऐतिहासिक आयोजन किया गया 

है।
सुबह से ही पूरा वातावरण मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और संकटमोचन हनुमान जी के जयकारों से गुंजायमान रहा। विद्वान आचार्यों द्वारा जब सुंदरकांड के मधुर दोहों और चौपाइयों का पाठ शुरू हुआ, तो मानो पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक तरंगों से झंकृत हो उठा। संगीतमय सुंदरकांड के इस अलौकिक प्रवाह ने न केवल कानों में मिश्री घोली, बल्कि ग्रामीणों के दिलों को भी असीम शांति और आत्मिक आनंद से सराबोर कर दिया। सच मानिए, इस सुंदरकांड पाठ से पूरे गाँव में खुशियों और सकारात्मक ऊर्जा का एक ऐसा अद्भुत माहौल बन गया है, जिसे शब्दों में बयां कर पाना मुमकिन नहीं है। पाठ की पूर्णाहुति के बाद शुरू हुआ 'श्री बालाजी महाराज' का वो महाप्रसाद, जिसका इंतज़ार हर श्रद्धालु को रहता है। इस विशाल भंडारे में सिर्फ नैरा ग्राम ही नहीं, बल्कि आसपास के तमाम गांवों और नगर वासियों का हुजूम उमड़ पड़ा। जाति-पाति और ऊंच-नीच के भेद से परे, सभी श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ पंक्ति में बैठकर बजरंगबली का दिव्य प्रसाद ग्रहण किया। महाप्रसाद पाने वाले हर एक श्रद्धालु के चेहरे पर तृप्ति का भाव था और वे इस आयोजन का हिस्सा बनकर खुद को परम सौभाग्यशाली मान रहे थे।

युवा आयोजक शिवम सिंह की इस अनूठी और धर्मपरायण पहल की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। इस सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि आज की युवा पीढ़ी अपनी गौरवशाली सनातन संस्कृति और धार्मिक संस्कारों को सहेजने में कितनी आगे है।

संवाददाता - अनुराग सिंह कछौना

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