मिर्चाराम की मिठास में लगी ‘मिर्च’, लाखन कभी लाखों दिलों का स्वाद अब छापे में बदइंतजामी का हिसाब
हरदोई : हरदोई की पहचान बनी मिर्चाराम स्वीट्स की कहानी कभी स्वाद से शुरू होकर पूरे यूपी तक पहुंची थी। जमीन से उठे लाखन ने मेहनत से कारोबार खड़ा किया और काला जाम, दही बड़ा का ब्लैक-व्हाइट कॉम्बिनेशन और देशी घी की टिक्की जैसे स्वादों को ऐसी पहचान दी कि दुकान सिर्फ दुकान नहीं, यूपी में हरदोई के स्वाद का पता बन गई। बेटे विकास ने कारोबार को आगे बढ़ाया, लेकिन परिवार और कारोबार के उतार-चढ़ाव ने इस मिठास को धीरे-धीरे कड़वाहट में बदल दिया। विकास की मौत के बाद कारोबार की जिम्मेदारी लाखन की बनाई विरासत को उस ऊंचाई तक नहीं ले जा सकी, जिसकी कभी उम्मीद थी।
अब खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी ने इस मशहूर नाम की चमक पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस मिर्चाराम से लोगों को मिठास की उम्मीद थी, वहां निरीक्षण में फ्रिज के भीतर चूहे, काला फफूंद, गंदगी, फर्श पर गंदा पानी और खुले में रखे खाद्य पदार्थ मिलने की बात सामने आई। पांच नमूने जांच के लिए भेजे गए और कारोबार बंद कराने के निर्देश दिए गए। यानी जिस दुकान ने कभी लाखों लोगों की जुबान पर स्वाद चढ़ाया था, वहां अब छापे के बाद सवाल है मिर्चाराम की मिठाई में आखिर मिठास बची थी या नाम के साथ ‘मिर्च’ भी पड़ गई थी? वक्त का पहिया भी गजब है, कभी लोग स्वाद पूछकर मिर्चाराम पहुंचते थे, अब खाद्य विभाग पहुंचकर सफाई का हिसाब पूछ रहा है।
रिपोर्टर : शिवांशु सिंह
No Previous Comments found.