अन्नपूर्णा भवन निर्माण में भ्रष्टाचार का नंगा नाच: बीडीओ के संरक्षण में सचिव कर रहा सरकारी धन की लूट
हरदोई - कछौना उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद के विकासखण्ड कछौना में विकास के दावे महज़ कागज़ों तक सिमट कर रह गए हैं, जबकि धरातल पर भ्रष्टाचार का दीमक सरकारी योजनाओं को खोखला कर रहा है। ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में मनरेगा, आरआरसी सेंटर, सार्वजनिक शौचालय, इंटरलॉकिंग सड़कें और अन्नपूर्णा भवन जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सरेआम ताक पर रखा जा रहा है। कमीशनखोरी और 'खाऊ-कमाऊ' नीति के बल पर जिम्मेदार अधिकारी भ्रष्टाचार के इस खेल को खुला संरक्षण दे रहे हैं ! - मामला कछौना ब्लॉक की ग्राम पंचायत ज्ञानपुर का है, जहाँ बनाए जा रहे अन्नपूर्णा भवन के निर्माण में भारी भ्रष्टाचार का खेल उजागर हुआ है।
संबंधित सचिव विपिन कुमार की सीधी देखरेख में मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर घटिया और मिलावटी सामग्री से निर्माण कराया जा रहा है, जिससे इस सार्वजनिक भवन की मजबूती और सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं।
इस भ्रष्टाचार के खेल में फर्म 'राजकुमार मिश्रा खाद भंडार (बघौली)' के खाते में सचिव विपिन कुमार द्वारा क्रमशः 90,220 रुपये, 98,243 रुपये और 89,211 रुपये यानी कुल लगभग 2.77 लाख रुपये का भुगतान भी डकार लिया गया है, जबकि निर्माण पूरी तरह से गुणवत्ताहीन है।
हैरानी की बात यह है कि अन्नपूर्णा भवन और अन्य विकास कार्यों में हो रही इस खुली लूट की जन-शिकायतें लगातार कछौना के खंड विकास अधिकारी (BDO) महेश चंद्र तक पहुंचाई गईं, लेकिन बीडीओ साहब की कार्यशैली पूरी तरह संदेहास्पद और निष्क्रिय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का साफ आरोप है कि बीडीओ के इसी आपराधिक संरक्षण के कारण भ्रष्ट सचिवों और ठेकेदारों के हौसले सातवें आसमान पर हैं।
सिर्फ ज्ञानपुर ही नहीं, बल्कि कछौना ब्लॉक के कई अन्य गांवों में करोड़ों रुपये की लागत से बने आरआरसी सेंटर्स (कूड़ा निस्तारण केंद्र) भी भ्रष्टाचार की कहानी बयां कर रहे हैं। कई सेंटरों की दीवारों और छतों में अभी से बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं तो कई जगहों पर चारदीवारी धराशायी हो चुकी है। इन मामलों में खानापूर्ति के लिए केवल 'जांच' और 'नोटिस' का ढोंग रचा गया, लेकिन बीडीओ की शिथिलता के चलते आज तक किसी भी दोषी के खिलाफ ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई।
विकास कार्यों के नाम पर सरकारी खजाने की यह लूट अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी! यदि जिला प्रशासन ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर बीडीओ महेश चंद्र, सचिव विपिन कुमार और संबंधित फर्म की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराकर कठोर आपराधिक कार्रवाई नहीं की, तो जनता और जिम्मेदार मीडिया इस भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
रिपोर्टर - अनुराग सिंह

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