हरियाणा कांग्रेस में सर्जिकल स्ट्राइक: क्रॉस वोटिंग करने वाले 5 विधायक सस्पेंड!

हरियाणा के सियासी रण में कांग्रेस ने एक ऐसा धमाका किया है, जिसकी गूंज दिल्ली तक सुनाई दे रही है। पार्टी के भीतर छिपे विभीषणों पर आखिरकार गाज गिर गई है। अनुशासन का डंडा ऐसा चला है कि पांच दिग्गज विधायक एक झटके में किनारे कर दिए गए। क्या है ये पूरा मामला और किन पर गिरी है गाज? चलिए देखते हैं इस खास रिपोर्ट में!

हरियाणा की राजनीति में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अनुशासनहीनता के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए अपने ही 5 विधायकों को पार्टी से निलंबित कर दिया। इन विधायकों पर आरोप है कि उन्होंने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के साथ 'खेला' किया। पार्टी की व्हिप का उल्लंघन करते हुए इन माननीय विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जिसे पार्टी ने पीठ में छुरा घोंपने जैसा करार दिया है।
प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने साफ कर दिया कि यह कोई मामूली कार्रवाई नहीं है। प्रदेश अनुशासन समिति की सिफारिश पर और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हरी झंडी मिलने के बाद ही यह 'फाइनल स्ट्राइक' की गई है।

जिन विधायकों को निलंबित किया गया है उनमें शैली चौधरी, रेणु बाला, मोहम्मद इलियास पुनहाना, मोहम्मद इसराइल और जरनैल सिंह शामिल हैं. ये सभी विधायक नारायणगढ़, सढौरा, रतिया, पुनहाना और हथीन विधानसभा क्षेत्रों से निर्वाचित हैं. पार्टी ने इन सभी पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है.

राव नरेंद्र सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है: "पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है। सामूहिक निर्णय के खिलाफ जाना संगठन की मर्यादाओं का अपमान है। यह कार्रवाई उन सभी के लिए सबक है जो पार्टी के साथ रहकर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होते हैं। 

कांग्रेस के इस 'ऑपरेशन क्लीनअप' ने साफ कर दिया है कि चुनाव चाहे कोई भी हो, गद्दारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन 5 विधायकों के सस्पेंशन के बाद अब हरियाणा की सियासत में नए समीकरण बनने तय हैं। अब देखना ये होगा कि ये निलंबित विधायक अपनी अगली चाल क्या चलते हैं और हरियाणा कांग्रेस की इस 'सफाई' का आने वाले चुनावों पर क्या असर पड़ता है। 

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