शब-ए-बरात आज, इबादत और रहमत की रात
हाथरस : मुस्लिम समाज का पवित्र त्योहार शब-ए-बरात मंगलवार शाम से शुरू होकर बुधवार सुबह तक मनाया जाएगा। यह रात इबादत, तौबा, मग़फिरत और रहमत की मानी जाती है। इस मौके पर समाजसेवी मुश्ताक अहमद ने मुस्लिम समाज से शांति, सुकून और भाईचारे के साथ शब-ए-बरात मनाने की गुजारिश की है। मुस्ताक अहमद ने बताया कि शब-ए-बरात शाबान माह की 15वीं रात होती है, जिसे इस्लाम में बेहद फज़ीलत वाली रात माना गया है। हदीसों के अनुसार इस रात अल्लाह तआला अपने बंदों की दुआएं कुबूल करता है, गुनाहों की माफी देता है और आने वाले साल के फैसले लिखे जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह रात अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगने और नेक रास्ते पर चलने का संकल्प लेने की है। उन्होंने मुस्लिम समाज से गुजारिश की इस पवित्र रात में नफिल नमाज़, कुरआन की तिलावत, ज़िक्र और दुआ पर विशेष ध्यान दें तथा नफिल इबादत अपने घरों या मस्जिदों में एकांत और तन्हाई के साथ अदा करें। शब-ए-बरात का अवसर शोर-शराबा, सड़क पर हुड़दंग, मोटरसाइकिल दौड़ाने, पटाखे फोड़ने या आतिशबाजी का नहीं है। इस्लाम में इस तरह की गतिविधियों को नापसंद और मना किया गया है। उन्होंने कहा कि त्योहार ऐसा हो जिससे किसी को तकलीफ न पहुंचे
रिपोर्टर : अतीक अहमद
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