पुणे की आसावरी जगदाले को आखिरकार मिलेगी नौकरी, Eknath Shinde ने आयुक्त को दिए निर्देश

हवेली : पुणे के संतोष जगदाले की बेटी आसावरी जगदाले को सरकारी सेवा में शामिल करने के निर्देश उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पुणे नगर निगम आयुक्त को दिए हैं।

कश्मीर घाटी के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई थी। इस हमले में महाराष्ट्र के भी कई पर्यटकों ने अपने परिवार के सदस्य और रिश्तेदार खो दिए थे। इनमें पुणे के संतोष जगदाले भी शामिल थे, जिनकी इस कायरतापूर्ण हमले में मौत हो गई थी। घटना के बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी, लेकिन लगभग एक साल बीत जाने के बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिली थी।

इस मुद्दे पर सांसद Supriya Sule ने ट्वीट कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया था। मीडिया में खबर सामने आने के बाद अब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आसावरी जगदाले को सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया है।

पहलगाम हमले के बाद एकनाथ शिंदे ने पुणे में जगदाले परिवार से मुलाकात की थी और संतोष जगदाले की पत्नी प्रगति जगदाले व आसावरी को सांत्वना देते हुए उन्हें सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया था। अब उन्होंने पुणे मनपा आयुक्त नवलकिशोर राम से फोन पर बातचीत कर निर्देश दिया कि आसावरी को बुलाकर उसकी शिक्षा के अनुरूप पद सृजित कर उसे नगर निगम में नियुक्त किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय सहानुभूति के आधार पर विशेष मामले के रूप में लिया जाएगा।

इस निर्णय से जगदाले परिवार को बड़ी राहत मिलेगी और आसावरी को नौकरी का सहारा प्राप्त होगा।

विश्वविद्यालय की नौकरी का प्रस्ताव ठुकराया

इस बीच, आसावरी जगदाले के रोजगार को लेकर सरकारी स्तर पर प्रयास जारी थे। प्रक्रिया में देरी न हो, इसके लिए एक निजी विश्वविद्यालय में नौकरी का प्रस्ताव दिया गया था, जिस पर स्वयं मुख्यमंत्री ने भी संबंधित संस्थान से बातचीत की थी। हालांकि, जगदाले परिवार ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।

इसके बाद पीएमआरडीए में नौकरी का विकल्प दिया गया, लेकिन परिवार की इच्छा पुणे महानगरपालिका में नौकरी पाने की थी। महानगरपालिका स्तर पर सामान्यतः वर्ग-3 या वर्ग-4 की नौकरी दी जा सकती है, लेकिन विशेष मामले के रूप में वर्ग-2 पद देने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है, जिस पर कार्यवाही जारी है।

पहले भी मिला है अनुकंपा नियुक्ति का उदाहरण

इससे पहले 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले में आतंकवादियों से लड़ते हुए पुलिस उपनिरीक्षक प्रकाश पांडुरंग मोरे शहीद हुए थे। उनकी बेटी अनुष्का मोरे को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दी गई थी।

संवादाता : यश सोलंकी

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