पुणे साइबर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया

हवेली : पुणे सिटी साइबर पुलिस ने Karnataka के बेलगाम से एक अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन आरोपियों ने पुणे स्थित एक कंपनी से 1.95 करोड़ रुपये की ठगी की। ठगों ने “बॉस स्कैम” (Boss Scam) तरीका अपनाते हुए कंपनी के मालिक बनकर व्हाट्सऐप पर फर्जी संदेश भेजकर पैसे ट्रांसफर करवाए।

ठगी का तरीका (Modus Operandi)

साइबर पुलिस स्टेशन (इकोनॉमिक एंड साइबर क्राइम्स, पुणे सिटी) की आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, ठगों ने कंपनी के कर्मचारियों से व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क किया।
कंपनी मालिक की फोटो को डीपी (DP) के रूप में इस्तेमाल कर वे खुद को मालिक बताने लगे और कर्मचारियों को “तत्काल क्लाइंट पेमेंट” के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश दिए।
धोखे में आकर कंपनी ने कुल 1,95,00,000 रुपये फर्जी बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।

इस मामले में FIR (CR No. 13/2026) भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 61(2), 3(5) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत दर्ज की गई।

जांच और गिरफ्तारी

तकनीकी जांच में पता चला कि ठगी की रकम “श्रीकन्नया एंटरप्राइजेस” के नाम से रजिस्टर एक एक्सिस बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी, जो गांधी नगर, बेलगाम (कर्नाटक) में स्थित है।

डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया:

अजय रामविलास यादव (22): लक्ष्मी नगर, काकती (बेलगाम) निवासी, हार्डवेयर प्रोफेशनल और बैंक खाते के धारक का बेटा।

सलमान गाउस मोहियुद्दीन अजल (23): झटपट कॉलोनी, अंगोल (बेलगाम) निवासी, जिसने कथित रूप से बैंक खाते के दुरुपयोग की साजिश रची।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों से 3 मोबाइल फोन, एक्सिस बैंक पासबुक और डेबिट कार्ड जब्त किए।

जांच टीम

यह कार्रवाई पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के मार्गदर्शन में की गई।
टीम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) पंकज देशमुख, डीसीपी (इकोनॉमिक एंड साइबर क्राइम) विवेक मसल, एसीपी शुभदा साखने और सीनियर पीआई स्वप्नाली शिंदे शामिल थे।

मैदानी कार्रवाई पुलिस निरीक्षक संगिता देवकते, एपीआई सुशील डुमरे और अन्य पुलिस कर्मियों ने की।

साइबर पुलिस की सलाह (Man-in-the-Middle ठगी से बचाव)

व्यवसायों के लिए:

ठग अक्सर ईमेल/व्हाट्सऐप डीपी में बदलाव कर वरिष्ठ अधिकारी बनकर धोखा देते हैं।

किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले निर्देशों की फोन या व्यक्तिगत रूप से पुष्टि करें।

सख्त कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल अपनाएं।

नागरिकों के लिए:

संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत करें।

इनसे सावधान रहें:

ज्यादा मुनाफे का लालच देने वाली योजनाएं

“डिजिटल अरेस्ट” या अंतरराष्ट्रीय पार्सल में ड्रग्स मिलने के फर्जी कॉल

बिजली/गैस कटने के फर्जी SMS

बैंक KYC अपडेट के नाम पर भेजे गए लिंक

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

संवादाता : यश सोलंकी 

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