उंदरी में पानी के टैंकर से हादसा: 23 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल, बढ़ती दुर्घटनाओं पर उठे सवाल

हवेली : रविवार रात मोहम्मदवाड़ी–उंदरी जंक्शन के पास कदनगर चौक पर एक पानी के टैंकर द्वारा कुचले जाने से 23 वर्षीय दोपहिया सवार घायल हो गया। यह घटना इलाके में टैंकर से जुड़ी बढ़ती दुर्घटनाओं को लेकर चिंता को और बढ़ाती है।

घायल की पहचान तारावडे वस्ती निवासी शहबाज मुजावर (23) के रूप में हुई है। टक्कर के दौरान उसकी दोपहिया गाड़ी टैंकर के आगे के पहियों के नीचे आ जाने से उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया।

घटना के प्रत्यक्षदर्शी एक डॉक्टर के अनुसार, हादसा रात करीब 9:14 बजे हुआ, जब तेज गति से आ रहा टैंकर NIBM की ओर मुड़ रहा था।
“कुछ ही पलों में तेज आवाज आई और मुझे पता चला कि सड़क हादसा हुआ है। मैं करीब 9:18 बजे मौके पर पहुंचा। टैंकर एक एर्टिगा कार से टकरा चुका था और एक दोपहिया वाहन उसके आगे फंसा हुआ था,” डॉक्टर ने बताया।

उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने पहले ही घायल युवक को बाहर निकाल लिया था। युवक के घुटने के नीचे गंभीर चोट और खून बह रहा था।
“मैंने मौके पर उसकी जांच की—नाड़ी, होश की स्थिति और अन्य चोटों का आकलन किया। निचले पैर की चोट के अलावा कोई तुरंत जानलेवा संकेत नहीं थे,” उन्होंने कहा।

आगे नुकसान से बचने के लिए घायल पैर को लकड़ी के टुकड़ों से बनाए गए अस्थायी स्प्लिंट से स्थिर किया गया और कपड़े (दुपट्टों) की मदद से बांधा गया, जो स्थानीय महिलाओं ने उपलब्ध कराए। इसके बाद एक स्थानीय निवासी शेलके की मदद से युवक को निजी वाहन से प्रिसिजन प्लस अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल को पहले ही सूचित कर दिया गया था और ऑर्थोपेडिक टीम तैयार थी। मुजावर का वर्तमान में आगे का इलाज और जांच चल रही है।

डॉक्टर ने कहा, “ऐसी परिस्थितियों में मौके पर समय पर प्राथमिक उपचार से परिणामों में बड़ा फर्क पड़ सकता है।”

यह घटना अप्रैल महीने में उंदरी–मोहम्मदवाड़ी क्षेत्र में हुई टैंकर से जुड़ी कई दुर्घटनाओं के बीच सामने आई है, जिनमें से कई घातक रही हैं। हाल के दिनों में हडपसर, NIBM, वानवड़ी और उंदरी जैसे इलाकों में टैंकर दुर्घटनाओं में कई दोपहिया सवारों की जान जा चुकी है, जिससे लोगों में आक्रोश और कड़े नियमों की मांग बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों ने टैंकर चालकों की लापरवाही, प्रशिक्षित ड्राइवरों की कमी और स्पीड कंट्रोल व मॉनिटरिंग जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं के अभाव पर चिंता जताई है। संकरी सड़कों, ढलान और मिश्रित ट्रैफिक की वजह से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।

यह इलाका अभी भी अधूरी जल आपूर्ति व्यवस्था के कारण निजी पानी के टैंकरों पर काफी निर्भर है, जिससे रोजाना सैकड़ों टैंकर चलते हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

रविवार की यह घटना भले ही जानलेवा नहीं रही, लेकिन यह इलाके में जारी सड़क सुरक्षा संकट को उजागर करती है। स्थानीय लोग अब सख्त नियम, बेहतर बुनियादी ढांचा और उल्लंघनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

संवादाता : यश सोलंकी 

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