ब्रेन डेड जवान ने बचाईं तीन जिंदगियां: पुणे कमांड हॉस्पिटल में सफल अंगदान और ट्रांसप्लांट ऑपरेशन
हवेली : पुणे स्थित कमांड हॉस्पिटल, सदर्न कमांड में सफल मल्टी-ऑर्गन डोनेशन और ट्रांसप्लांट ऑपरेशन के जरिए तीन लोगों की जान बचाई गई। यह संभव हो सका एक ब्रेन डेड सेना के जवान के अंगदान से, जिसकी इस महीने की शुरुआत में नासिक में सड़क दुर्घटना के बाद मौत हो गई थी।
38 वर्षीय इन्फैंट्री जवान 3 मई को हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था और बाद में उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। परिवार की सहमति मिलने के बाद सैन्य अस्पताल के डॉक्टरों ने 5 मई को निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल के तहत अंगदान प्रक्रिया शुरू की।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार जवान का लीवर और एक किडनी दिल्ली स्थित आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) भेजी गई, जबकि दूसरी किडनी पुणे के कमांड हॉस्पिटल में प्रत्यारोपित की गई। इन अंगों से दिल्ली में इलाज करा रहे दो सैनिकों और पुणे में भर्ती एक सूबेदार के आश्रित को नया जीवन मिला।
अंगों को समय पर पहुंचाने के लिए प्रशासन ने विशेष ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया और कई एजेंसियों के साथ समन्वय किया। भारतीय वायुसेना ने मेडिकल टीम को दिल्ली से पुणे लाने और अंगों के ट्रांसफर के लिए AN-32 विमान तैनात किया।
अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि ट्रांसप्लांट टीम ग्रीन कॉरिडोर के जरिए तेजी से अस्पताल पहुंची और निर्धारित समय सीमा के भीतर बुधवार तड़के अंगों को लेकर दिल्ली रवाना हो गई।
सदर्न कमांड के अधिकारियों ने बताया कि कमांड हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने अत्यंत सटीकता और बेहतर समन्वय के साथ अंग निकालने की सर्जरी पूरी की। उन्होंने मेडिकल टीमों की प्रोफेशनल कार्यशैली और ट्रांसप्लांट प्रोटोकॉल के पालन की सराहना की।
इस पूरे ऑपरेशन में भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला, जिससे अंग प्रत्यारोपण प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सकी।
कमांड हॉस्पिटल, सदर्न कमांड देश के प्रमुख सैन्य स्वास्थ्य संस्थानों में से एक है और हाल के वर्षों में लगातार अंग प्रत्यारोपण प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक अस्पताल इस वर्ष अब तक आठ अंग प्रत्यारोपण संबंधी प्रक्रियाएं पूरी कर चुका है।
संवादाता : यश सोलंकी


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