पुणे में शामिल 23 गांवों के विकास आराखड़े की तैयारी शुरू, तीन वर्षों में तैयार होगा मास्टर प्लान

हवेली : पुणे महानगरपालिका (PMC) में शामिल किए गए 23 गांवों के लिए व्यापक विकास योजना (डेवलपमेंट प्लान - DP) तैयार करने की प्रक्रिया आखिरकार शुरू हो गई है। इन गांवों के पीएमसी सीमा में विलय के पांच वर्ष बाद नगर निगम ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

सोमवार को पीएमसी की आम सभा ने इन 23 गांवों के लिए विकास योजना तैयार करने के उद्देश्य से औपचारिक घोषणा प्रस्ताव को मंजूरी दी तथा इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक टाउन प्लानिंग अधिकारी नियुक्त करने का निर्णय लिया। अंतिम विकास योजना अगले तीन वर्षों में पूरी होने की उम्मीद है।

जून 2021 में महाराष्ट्र सरकार ने पुणे शहर से सटे 23 गांवों को पीएमसी सीमा में शामिल किया था। हालांकि विकास योजना तैयार करने की जिम्मेदारी सीधे पीएमसी को देने के बजाय राज्य सरकार ने यह कार्य पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA) को सौंपा था।

पीएमआरडीए ने योजना पर काम शुरू किया था, लेकिन कृषि भूमि को बड़े पैमाने पर आवासीय क्षेत्र में बदलने और कुछ आरक्षणों से बड़े डेवलपर्स को लाभ पहुंचाने के आरोपों के चलते योजना विवादों में घिर गई। इसके बाद राज्य सरकार के पास कई शिकायतें दर्ज कराई गईं।

इन आपत्तियों को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पीएमआरडीए द्वारा तैयार मसौदा योजना को रद्द करने के निर्देश दिए। इसके बाद 23 गांवों की विकास योजना तैयार करने की जिम्मेदारी पुनः पीएमसी को सौंप दी गई।

नगर प्रशासन ने टाउन प्लानिंग अधिकारी के रूप में सिटी इंजीनियर अनिरुद्ध पावसकर की नियुक्ति का प्रस्ताव रखा, जिसे सिटी इम्प्रूवमेंट कमेटी और बाद में आम सभा ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी।

अधिकारियों के अनुसार, सामान्यतः निगम को विकास योजना का मसौदा तैयार करने के लिए दो वर्षों का समय मिलता है, लेकिन पीएमआरडीए द्वारा पहले से किए गए सर्वेक्षण और अध्ययनों का उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है।

नई विकास योजना में गांवों के मौजूदा भूमि उपयोग, भविष्य की जनसंख्या वृद्धि और अगले 20 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नियोजन किया जाएगा। मसौदा तैयार होने के बाद नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी। इसके पश्चात राज्य सरकार की मंजूरी और अधिसूचना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य 23 गांवों का संतुलित और दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित करना है।

इन 23 गांवों में शामिल हैं:

सुस, बावधन बुद्रुक, किर्कटवाड़ी, पिसोली, कोंढवे-धावडे, कोपरे, नांदेड, खडकवासला, मांजरी बुद्रुक, नर्हे, होळकरवाडी, औताडे-हांडेवाडी, वडाचीवाडी, शेवालेवाडी, नांदोशी, सनस नगर, मांगेवाडी, कोळेवाडी, भिलारेवाडी, निम्बालकरवाडी, जांभुळवाडी और वाघोली।

संवादाता : यश सोलंकी 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.