सनातन हिंदू सम्मेलन की तैयारियां पूर्ण, मातृशक्ति ने रूट मार्च निकाल भरा हुंकार
हजारीबाग : रसोइया धमना स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में 22 फरवरी सुबह 10:30 बजे आयोजित होने वाले 'सनातन हिंदू सम्मेलन' को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। आयोजन समिति ने सम्मेलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस भव्य आयोजन की पूर्व संध्या पर मातृशक्ति द्वारा निकाले गए रूट मार्च ने पूरे क्षेत्र को भक्ति और एकता के रंग में सराबोर कर दिया।
एकता और समरसता का शंखनाद
आयोजन समिति के अध्यक्ष बद्री साव ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य एक समरस समाज का निर्माण करना और सनातनी एकता को सुदृढ़ बनाना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा: "यह कार्यक्रम सामाजिक भेदभाव की दीवारों को गिराकर ऊंच-नीच के अंतर को मिटाने की एक बड़ी पहल है। हम एक ऐसे समाज की कल्पना कर रहे हैं जहाँ हर सनातनी संगठित और सशक्त हो।"
सांस्कृतिक कार्यक्रम और संतों का मार्गदर्शन
सम्मेलन केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें सामाजिक सद्भाव पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी जाएगी। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रतिष्ठित संत समाज का आगमन है, जिनके दिव्य प्रवचनों और मार्गदर्शन से क्षेत्र के लोगों को आध्यात्मिक चेतना प्राप्त होगी। मातृशक्ति का रूट मार्च सम्मेलन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए महिलाओं (मातृशक्ति) ने पैदल रूट मार्च निकाला। जयघोष के साथ निकली इस यात्रा के जरिए समाज के हर वर्ग को कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया।
आयोजन समिति की अपील
समिति ने समस्त सनातन परिवार से इस महाकुंभ का हिस्सा बनने की अपील की है। अध्यक्ष ने कहा कि समाज के हर व्यक्ति की सहभागिता ही इस आयोजन की वास्तविक सफलता होगी। मुख्य बिंदु: स्थान: दुर्गा मंदिर प्रांगण, रसोइया धमना। मुख्य एजेंडा: सामाजिक समरसता और सनातनी एकता। विशेषता: संतों का सानिध्य एवं प्रेरणादायी सांस्कृतिक कार्यक्रम।
रिपोर्टर - राहुल राणा


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