बिष्णुगढ़ कोनार नहर परियोजना में घटिया निर्माण का आरोप, ढलाई में दिख रहीं लंबी दरारें

हज़ारीबाग - बिष्णुगढ़ क्षेत्र में चल रही कोनार नहर परियोजना के तहत नहर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। परियोजना को तीन डिवीजन में बांटकर कार्य कराया जा रहा है, जिसमें बगोदर डिवीजन में इन दिनों नहर की ढलाई का कार्य जारी है। स्थानीय ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि सीमेंट-बालू के मिश्रण से की जा रही कंक्रीट ढलाई बेहद खराब गुणवत्ता की है, जिसके कारण निर्माण के तुरंत बाद ही लंबी-लंबी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग दस वर्ष पूर्व भी नहर का निर्माण कार्य हुआ था, जिसे अब तोड़कर पुनः बनाया जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि जब पहले का कार्य टिकाऊ नहीं रहा, तो वर्तमान में हो रहा निर्माण कितने वर्षों तक चलेगा। किसानों को आशंका है कि यदि अभी से दरारें दिखाई दे रही हैं, तो आने वाले वर्षों में नहर की स्थिति और खराब हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पिछले 45 वर्षों में कई बार सुंदरीकरण और मरम्मत के नाम पर टेंडर निकाले गए, करोड़ों-अरबों रुपये खर्च हुए, लेकिन नहर से स्थायी रूप से पानी आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो सकी। किसानों का कहना है कि हर बार उन्हें बेहतर सिंचाई व्यवस्था का भरोसा दिया जाता है, लेकिन कुछ वर्षों बाद नहर फिर जर्जर हो जाती है।
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्ता की जांच नहीं हुई, तो सरकारी धन की बर्बादी के साथ-साथ किसानों को एक बार फिर नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि कार्य की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और नहर निर्माण को टिकाऊ एवं मानक के अनुरूप पूरा कराया जाए।

रिपोर्टर - संदीप मिश्रा 

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