विष्णुगढ़ प्रखंड में अवैध निजी विद्यालयों की भरमार,बच्चों के भविष्य पर मंडरा रहा खतरा

हज़ारीबाग - विष्णुगढ़ प्रखंड में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां दर्जनों की संख्या में निजी विद्यालय बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के संचालित किए जा रहे हैं। ये विद्यालय छोटे-छोटे कमरों में चल रहे हैं, जहां न तो पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं हैं और न ही प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था। इसके बावजूद अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन इन स्कूलों में करवा रहे हैं, जिससे सरकारी विद्यालयों में छात्रों की संख्या लगातार घटती जा रही है। सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा, मध्याह्न भोजन, पुस्तकें, पोशाक और अन्य कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके बावजूद सरकारी स्कूलों में नामांकन कम होना एक बड़ी चिंता का विषय बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि गांव-गांव में खुले छोटे निजी विद्यालय इसकी एक प्रमुख वजह हैं, जो कम फीस और ‘अंग्रेजी माध्यम’ के नाम पर अभिभावकों को आकर्षित करते हैं।

शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार बिना रजिस्ट्रेशन किसी भी विद्यालय का संचालन पूरी तरह गैरकानूनी है। लेकिन विष्णुगढ़ प्रखंड में यह नियम खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कई विद्यालयों के पास न तो मान्यता है और न ही बुनियादी मानकों का पालन किया जा रहा है। ऐसे में इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय अभिभावकों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अवैध विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और निगरानी को और मजबूत किया जाए ताकि अभिभावकों का भरोसा फिर से कायम हो सके।

अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है।

रिपोर्टर - संदीप मिश्रा

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