ICAR के “मेरा गाँव मेरा गौरव” कार्यक्रम के तहत 70 किसानों को मिला संतुलित उर्वरक
हज़ारीबाग - चौपारण प्रखंड के प्रजापत नगर एवं मानगढ़ गांव में गुरुवार, 28 मई 2026 को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के “मेरा गाँव मेरा गौरव” कार्यक्रम के अंतर्गत संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान के तहत 70 किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम निदेशक डॉ. सी.एच. श्रीनिवास राव के मार्गदर्शन एवं परिसर प्रभारी डॉ. एस.के. महंता के संरक्षण में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विजय बहादुर सिंह चौहान ने किया। इस दौरान किसानों को संतुलित उर्वरकों के सही उपयोग, जैविक उर्वरकों की उपयोगिता, मृदा स्वास्थ्य जांच, प्राकृतिक खेती तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। वैज्ञानिकों ने मिट्टी जांच के आधार पर उर्वरकों के प्रयोग की सलाह देते हुए फसल उत्पादन बढ़ाने के प्रभावी उपाय बताए। कार्यक्रम में किसानों को डोलमाइट के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि डोलमाइट मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ फसल को नुकसान पहुंचाने वाले कई कीटों को नियंत्रित करने में सहायक होता है। इसके उपयोग के लिए प्रति कट्ठा 4 किलो डोलमाइट खेत में छिड़काव कर जुताई करने तथा किसी भी फसल की बुवाई से पहले एक सप्ताह इंतजार करने की सलाह दी गई। साथ ही एफपीओ के माध्यम से किसानों के बीच 25-25 किलो डोलमाइट का निःशुल्क वितरण भी किया गया।
संस्थान के वैज्ञानिक डॉ.ओम प्रकाश एवं डॉ. काशीनाथ तेली ने आकाश कुमार दास के सहयोग से किसानों को आधुनिक कृषि,जैविक उर्वरक के महत्व,प्राकृतिक खेती एवं संतुलित खाद के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहद उपयोगी बताते हुए ICAR की इस पहल की सराहना की। वहीं सीएससी चौपारण एफपीओ के निदेशक दीपक कुमार एवं कैलाश साव ने कार्यक्रम में पहुंचे वैज्ञानिकों और पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में एफपीओ निदेशक दीपक कुमार, कैलाश साव, विलेज कोऑर्डिनेटर पिंटू कुमार गुप्ता, प्रिंस कुमार एवं पीयूष कुमार की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान एवं महिला किसानों की सहभागिता देखी गई।
रिपोर्टर - अमित सिंह

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