पत्रकार सुरक्षा और कल्याण के मुद्दों पर राज्यपाल से मिला प्रेस क्लब हजारीबाग का प्रतिनिधिमंडल

हजारीबाग - पत्रकार सुरक्षा और उनके कल्याण समेत विभिन्न मुद्दों पर लोकभवन में बुधवार को राज्यपाल संतोष गंगवार से प्रेस क्लब हजारीबाग का प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष उमेश प्रताप के नेतृत्व में मुलाकात की। साथ ही विभिन्न छह बिन्दुओं पर उन्हें ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में झारखंड यूनियन आफ जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शिव अग्रवाल, यूनियन के सलाहकार ओम रंजन मालवीय,प्रेस क्लब हजारीबाग के कोषाध्यक्ष डाॅ अमरनाथ पाठक और कार्यकारिणी सदस्य मो. शमीम अहमद शामिल थे। प्रेस क्लब हजारीबाग के अध्यक्ष उमेश प्रताप ने पूरे मामले पर राज्यपाल से विस्तृत बातचीत की। राज्यपाल ने सभी मामलों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए इसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से स्वयं बात करने और आयोग गठन पर केंद्र को तुरंत अनुशंसा करने का आश्वासन दिया। इससे पहले राज्यपाल का स्वागत प्रतिनिधिमंडल ने गुलदस्ता, अंगवस्त्र और मोमेंटो भेंटकर किया। 

राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कहा गया है कि प्रेस क्लब, हजारीबाग  आपका ध्यान प्रदेश में स्वतंत्र पत्रकारिता और पत्रकारों पर लगातार बढ़ रहे हमलों, झूठे मुकदमों और उत्पीड़न की गंभीर घटनाओं की ओर आकृष्ट कराना चाहता है।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकार निष्पक्षता के साथ जनहित के मुद्दे, भ्रष्टाचार और अपराध उजागर करते हैं। परंतु वर्तमान में सच लिखने या दिखाने वाले पत्रकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। पत्रकारों की कलम कुंद करने के लिए जहां उनपर झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है वहीं स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा दुर्भावनापूर्ण तरीके से मीडियाकर्मियों को  निशाना बनाया जा रहा है। हजारीबाग में पिछले एक माह के भीतर तीन पत्रकारों पर जानलेवा हमला हुआ है, जिससे पत्रकार समाज डरा सहमा है।  पत्रकारों पर हो रहे इन जुल्मों को  रोकने और उनके लिए कल्याणकारी कार्यक्रम चलाने सहित अन्य मांगों से संबंधित  निम्नलिखित मांगो विचार करने तथा इस  दिशा में सकारात्मक पहल करने का आग्रह करता है।

 विभिन्न मांगों में शामिल बिन्दु : 
1. झारखंड में पत्रकार सुरक्षा कानून प्रभावी हो।
2. पत्रकारों के हितों की रक्षा और उत्पीड़न की रोकथाम के लिए 'पत्रकार आयोग' का गठन किया जाय।
2. पत्रकारों के खिलाफ दर्ज होने वाली प्राथमिकी की त्वरित निष्पक्ष जांच के लिए एक सिक्योरिटी एवं इंक्वायरी सेल गठित की जाए जिसमें एक डीएसपी स्तर के अधिकारी की प्रतिनियुक्ति हो।
3. पत्रकारों की आर्थिक स्थितियों को देखते हुए पत्रकार कल्याण कोष गठित की जाए।
4. पत्रकारों को स्वास्थ्य बीमा, पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दी जाए। 
5. मान्यता प्राप्त पत्रकारों की तर्ज पर जिला एवं मुफस्सिल के पत्रकारों को भी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाए।
6. पत्रकारों को जिला स्तर पर मान्यता (एक्रीडेशन) देने की व्यवस्था की जाय।

रिपोर्टर - मुकेश सिंह

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