जीटी रोड निर्माण में लापरवाही से महीनों से जाम की मार, चौपारण-बरकट्ठा के लोग बेहाल

हज़ारीबाग - चौपारण राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (जीटी रोड) पर चौपारण और बरकट्ठा क्षेत्र में चल रहे फोरलेन निर्माण कार्य की धीमी गति और कथित लापरवाही से आम लोगों का जीवन बेहाल हो गया है। यह कोई एक-दो दिन की समस्या नहीं,बल्कि कई महीनों से लगातार चली आ रही स्थिति है। इसके बावजूद न तो निर्माण कंपनी की कार्यशैली में सुधार दिख रहा है और न ही संबंधित एजेंसियों की प्रभावी निगरानी नजर आ रही है। बरकट्ठा से चौपारण,सिंघरांवा मोड़,जोकट,महुदी और चतरा मोड़ से भी आगे तक प्रतिदिन कई किलोमीटर लंबा जाम लगना आम बात हो गई है। सुबह से शाम तक लोग एक से दो घंटे तक जाम में फंसे रहते हैं। नौकरीपेशा लोग, छात्र, व्यापारी और मरीज सभी इस समस्या से परेशान हैं। कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है, जिससे मरीजों की जान तक जोखिम में पड़ जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य वर्षों से चल रहा है,लेकिन आज तक पूरा नहीं हो सका। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य कर रही कंपनी अलग-अलग नामों से काम करती रही है,लेकिन कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया। उनका आरोप है कि कंपनी केवल निर्माण अवधि बढ़ाकर काम कर रही है,जबकि जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि,इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। लोगों का कहना है कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे,खराब डायवर्सन, अधूरी नालियां और जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बरसात के मौसम में हालात और खराब हो गए हैं। जगह-जगह पानी जमा होने लगा है,जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने से पहले धूल-गर्द की समस्या थी,अब कीचड़ और जलभराव नई मुसीबत बन गए हैं।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार समाचार माध्यमों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया,प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया और सुधार के निर्देश भी दिए,लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस बदलाव देखने को नहीं मिला। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार एजेंसियों के बीच समन्वय और जवाबदेही की कमी का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बरकट्ठा से लेकर चौपारण तक हर दिन हजारों लोग इस सड़क से गुजरते हैं,लेकिन उनकी समस्याओं की ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा। बरसात के मौसम में जलभराव, मच्छरों का प्रकोप और दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बढ़ रही है।

स्थानीय लोगों ने केंद्र सरकार,राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जिला प्रशासन और निर्माण कंपनी से मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए,कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा हो, खराब डायवर्सन एवं गड्ढों की तत्काल मरम्मत की जाए तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर बरकट्ठा और चौपारण की जनता को वर्षों से चली आ रही इस परेशानी से स्थायी राहत दिलाई जाए। उनका कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं,बल्कि धरातल पर कार्रवाई की आवश्यकता है।

रिपोर्टर - अमित सिंह

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