भगहर पंचायत की कुछ दर्द भरी दास्तां, विकास की राह अब भी दूर

चौपारण (हजारीबाग) : प्रखंड मुख्यालय से लगभग 27 किलोमीटर दूर झारखंड-बिहार की सीमा पर स्थित भगहर पंचायत प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। चारों ओर जंगल, पहाड़ और नदियों से घिरी यह पंचायत अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण जितनी आकर्षक दिखती है, उतनी ही विकास की मूलभूत सुविधाओं से वंचित भी है।

भगहर तक पहुंचने के लिए चौपारण से काठम्बा मोड़ तक पीडब्ल्यूडी की सड़क ठीक-ठाक है, लेकिन इसके बाद पंचायत मुख्यालय तक करीब 12 किलोमीटर की सड़क बेहद जर्जर है। यह पूरा रास्ता घने जंगलों, पहाड़ों और नदी-नालों से होकर गुजरता है। मार्ग में न कहीं यात्री शेड है, न पेयजल की व्यवस्था और न ही कोई ऐसी सुविधा जिससे राहगीरोंe को राहत मिल सके। गर्मी में प्यास बुझाने के लिए पानी और बारिश में सिर छिपाने के लिए छत तक उपलब्ध नहीं है। पैदल आने-जाने वाले लोगों के मन में जंगली जानवरों का भय भी हमेशा बना रहता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पंचायत में कई बार मंत्री, सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी आते-जाते रहे हैं, लेकिन क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं हो सकी। वर्षों से सड़क, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं की मांग की जाती रही है।

सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां के अधिकांश ग्रामीण अपनी दैनिक जरूरतों की खरीदारी के लिए बिहार के बाजारों पर निर्भर हैं। पंचायत की अधिकांश आबादी कृषि पर आधारित है। कई गांव इतने दुर्गम हैं कि वहां तक पहुंचना आज भी चुनौती बना हुआ है। बच्चों को जंगलों के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे अभिभावकों में हमेशा सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन इस पंचायत पर विशेष ध्यान दे और इसे एक मॉडल पंचायत के रूप में विकसित करने की योजना बनाए, तो यहां की तस्वीर बदल सकती है। कुटीर उद्योग, बकरी पालन, मुर्गी पालन, सूअर पालन, आधुनिक कृषि तकनीक और स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण देकर यहां के लोगों की आजीविका को मजबूत किया जा सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां के लोग मेहनती और लगनशील हैं, आवश्यकता केवल योजनाबद्ध विकास और सरकारी पहल की है।

(यह लेख स्थानीय लोगों द्वारा बताई गई समस्याओं और अपेक्षाओं पर आधारित है। संबंधित विभाग का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जा सकता है।

रिपोर्टर : अमित सिंह 

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