दनुआ घाटी में जल्द बनेगा फ्लाईओवर, एनएचएआई की तकनीकी टेस्टिंग को मिली हरी झंडी : विधायक

चौपारण : आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के कारण लंबे समय से चर्चा में रही दनुआ घाटी अब जल्द ही अधिक सुरक्षित हो सकती है। बरही विधायक मनोज कुमार यादव ने दावा किया है कि उनकी लगातार पहल के बाद दनुआ घाटी में फ्लाईओवर निर्माण की योजना को गति मिली है और एनएचएआई द्वारा कराई जा रही तकनीकी टेस्टिंग प्रक्रिया को हरी झंडी मिल गई है।

विधायक ने बताया कि कुछ महीने पूर्व उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर दनुआ घाटी की भौगोलिक स्थिति, तीखे मोड़ों और भारी वाहनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की जानकारी दी थी। इस दौरान घाटी में फ्लाईओवर निर्माण की मांग रखी गई थी। विधायक के अनुसार, केंद्रीय मंत्री के निर्देश के बाद एनएचएआई ने इस दिशा में आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया शुरू की।

उन्होंने बताया कि एनएचएआई की टेस्टिंग एवं अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं तथा टेस्टिंग रिपोर्ट को स्वीकृति मिलने के बाद योजना आगे बढ़ रही है।

2 किलोमीटर और 2.5 किलोमीटर के बनेंगे फ्लाईओवर

विधायक मनोज कुमार यादव के अनुसार, दनुआ घाटी क्षेत्र में कुल लगभग 4.5 किलोमीटर लंबाई में दो फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं। पहला फ्लाईओवर करीब 2 किलोमीटर, जबकि दूसरा लगभग 2.5 किलोमीटर लंबा होगा।

उन्होंने बताया कि योजना की डीपीआर तैयार कर आगे भेज दी गई है। वर्तमान में वन विभाग और वाइल्डलाइफ से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई जा रही है। सभी जरूरी प्रशासनिक और पर्यावरणीय स्वीकृतियां मिलने के बाद निर्माण कार्य धरातल पर शुरू होने की संभावना है।

विधायक ने कहा कि दोनों फ्लाईओवर के निर्माण से दनुआ घाटी में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।

उन्होंने इस योजना को आगे बढ़ाने में हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल के योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण समस्या के समाधान के लिए उनका सहयोग सराहनीय रहा है।

रिपोर्टर : अमित सिंह

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