शिक्षण कौशल के विकास से प्रभावी शिक्षक बनने में मिलती है मदद : डॉ. शालिनी खोवाला
विष्णुगढ़ : दौलत महतो मेमोरियल शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में तीन दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला का शुभारंभ बुधवार को गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार चतुर्वेदी, मुख्य वक्ता डॉ. शालिनी खोवाला एवं प्राध्यापकगण ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
व्याख्यान श्रृंखला के प्रथम दिवस का मुख्य विषय ‘शिक्षण कौशल के विविध आयाम तथा अभ्यास शिक्षण में क्रियात्मक अनुसंधान के व्यावहारिक पक्ष’ रहा। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में स्कॉलर बी.एड. कॉलेज, गिरिडीह की प्राचार्य डॉ. शालिनी खोवाला उपस्थित रहीं। महाविद्यालय परिवार की ओर से उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
अपने प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक संबोधन में डॉ. शालिनी खोवाला ने शिक्षण कौशल के विभिन्न आयामों तथा अभ्यास शिक्षण के दौरान क्रियात्मक अनुसंधान की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक प्रभावी शिक्षक बनने के लिए विषय ज्ञान के साथ-साथ शिक्षण कौशल का विकास भी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने प्रशिक्षु शिक्षकों को प्रश्न पूछने का कौशल, व्याख्यान कौशल, उद्दीपन परिवर्तन कौशल, पुनर्बलन कौशल तथा कक्षा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण शिक्षण कौशलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन कौशलों के प्रभावी प्रयोग से शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक रोचक एवं प्रभावशाली बनाया जा सकता है।
डॉ. खोवाला ने अभ्यास शिक्षण के दौरान आने वाली समस्याओं की पहचान एवं उनके समाधान के लिए क्रियात्मक अनुसंधान को महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से शिक्षक अपनी कक्षा एवं शिक्षण प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं का वैज्ञानिक और व्यवस्थित अध्ययन कर उनके व्यावहारिक समाधान खोज सकते हैं। इससे शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ शिक्षक के व्यावसायिक विकास में भी मदद मिलती है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार चतुर्वेदी ने स्वागत संबोधन में कहा कि व्याख्यान श्रृंखला केवल ज्ञान प्रदान करने का माध्यम नहीं, बल्कि विचारों को नई दिशा देने, अनुभवों को साझा करने और व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास का सशक्त मंच है। उन्होंने प्रशिक्षु शिक्षकों से आह्वान किया कि वे अभ्यास शिक्षण को महज औपचारिकता न मानें, बल्कि इसे अपने शिक्षण कौशल, आत्मविश्वास, सृजनात्मकता एवं व्यावसायिक दक्षता के विकास का महत्वपूर्ण अवसर समझें।
कार्यक्रम का संचालन आईक्यूएसी कॉर्डिनेटर एवं एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. कुमारी स्वर्णा मिश्र ने किया, जबकि कार्यक्रम का संक्षिप्तीकरण एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ओमकार नाथ शर्मा ने किया।
मौके पर एचओडी बबली कुमारी, वीरेंद्र देव, राघवेंद्र प्रताप, डॉ. सतीश चंद यादव, अशोक कुमार झा, सरोज श्रीवास्तव, राजेश कुमार बर्मा, प्रवीण कुमार जायसवाल, विपिन कुमार, जितेंद्र कुमार, अदृश मुखर्जी, जयपाल राणा, डॉ. अंबरीश कुमार दुबे, डॉ. विजयकांत चक्रवर्ती, सीमा, अजीत कुमार, भुवनेश्वर कुमार महतो, डॉ. कुमारी मेधा, संतोष कुमार, विनोद कुमार, धर्मनाथ महतो, सौरभ सुमन, प्रीति पूनम हेम्ब्रम, राहुल आजाद, नाजरा, सुनीता सहित बी.एड. एवं डी.एल.एड. संकाय के प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
रिपोर्टर : संदीप मिश्रा
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