दीवारों पर जीवंत हुई झारखंड की लोककला और इतिहास

विष्णुगढ़ : विष्णुगढ़ प्रखंड के गाल्होवार पंचायत स्थित उच्च विद्यालय के फुटबॉल मैदान में बने स्टेडियम की दीवारें इन दिनों झारखंड की समृद्ध लोककला, संस्कृति और इतिहास की जीवंत तस्वीर पेश कर रही हैं। बाघमारा प्रखंड के कपूरिया बांधडीह निवासी एवं छोटानागपुर लोककला संस्कृति संस्थान के संस्थापक आंदोलनकारी माटी चित्रकार महावीर शामी ने स्टेडियम की दीवारों पर आकर्षक चित्रकारी कर झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप दिया है।

महावीर शामी ने अपनी चित्रकारी के माध्यम से भगवान बिरसा मुंडा, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, शहीद निर्मल महतो और विनोद बिहारी महतो जैसे महापुरुषों के चित्र उकेरे हैं। इसके अलावा झारखंड के लोकजीवन और संस्कृति से जुड़े ढोल, मांदर, नगाड़ा, हिरण सहित विभिन्न प्रतीकों को भी दीवारों पर स्थान दिया गया है।

उनकी आकर्षक चित्रकारी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। महावीर शामी का कहना है कि झारखंड की कई पारंपरिक लोककलाएं और सांस्कृतिक परंपराएं धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही हैं। ऐसे में चित्रकला के माध्यम से लोगों को अपनी संस्कृति, इतिहास और महापुरुषों से जोड़ने तथा नई पीढ़ी को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।

महावीर शामी का लक्ष्य झारखंड के करीब 32,640 गांवों तक नि:शुल्क चित्रकारी पहुंचाना है। उनके अनुसार अब तक वे लगभग 251 गांवों और करीब 10 जिलों में चित्रकारी कर चुके हैं। उनका यह अभियान लगातार जारी है।दीवारों पर उकेरी जा रही यह लोककला न केवल सार्वजनिक स्थलों की सुंदरता बढ़ा रही है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को झारखंड की संस्कृति, लोकजीवन और इतिहास से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बन रही है।

रिपोर्टर : संदीप मिश्रा

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