भा.कृ.अनु.प.-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (झारखंड) में 'हिंदी पखवाड़ा सह कार्यशाला' का भव्य समापन

हजारीबाग/बरही : भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, झारखंड में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और सरकारी कामकाज में इसके प्रगतिशील प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चल रहे 15 दिवसीय 'हिंदी पखवाड़ा-सह-कार्यशाला' का आज (22 सितंबर) सफलतापूर्वक समापन हो गया। संस्थान के निदेशक डॉ. च. श्रीनिवास राव के मार्गदर्शन में इस विशेष पखवाड़े का आयोजन 8 सितंबर से 22 सितंबर, 2026 तक किया गया था।

गौरवशाली इतिहास और जागरूकता पर केंद्रित रहा आयोजन
यह आयोजन 14 सितंबर, 1949 के उस ऐतिहासिक दिन की स्मृति में किया गया, जब संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य दैनिक संचार और प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के महत्व के प्रति जागरूकता पैदा करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ परिसर प्रभारी डॉ. एस.के. महंता की अध्यक्षता में हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, खोडाहार (बरही) के प्रधानाचार्य डॉ. सुनील यादव ने अपने संबोधन में राष्ट्र की एकता में हिंदी की भूमिका और इसके ऐतिहासिक महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। कार्यक्रम में संस्थान के शैक्षणिक समन्वयक डॉ. विशाल नाथ, लेखा एवं वित्त अधिकारी अश्विनी कुमार और प्रशासनिक अधिकारी विक्रम वर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यशाला और विविध प्रतियोगिताओं से दिखा उत्साह
कर्मचारियों और छात्रों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए पखवाड़े के दौरान एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें हिंदी व्याकरण, शुद्ध वर्तनी, नोट लेखन, स्पष्ट उच्चारण और हिंदी के विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई।
इसके साथ ही, संस्थान के माहौल को हिंदीमय बनाने के लिए कई रोमांचक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं:

* छात्रों के लिए: कविता पाठ, श्रुतिलेखन, कहानी लेखन और सुलेख प्रतियोगिता।
* कर्मचारियों के लिए: निबंध लेखन, शब्दावली, श्रुतिलेख, अंताक्षरी और हिंदी प्रश्नोत्तरी (क्विज़) प्रतियोगिता।

विजेता हुए सम्मानित
समापन समारोह के मुख्य आकर्षण प्रतियोगिताओं के परिणाम रहे, जहां उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस भव्य कार्यक्रम का मंच संचालन व स्वागत भाषण हिंदी राजभाषा समिति के अध्यक्ष डॉ. निर्मल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन वैज्ञानिक डॉ. शिल्पी केरकेट्टा द्वारा प्रस्तुत किया गया। पूरे पखवाड़े को सफल बनाने में समिति के सदस्य डॉ. नुज़ैबा, डॉ. प्रीति, सोनू कुमार और सतीश कुमार की भूमिका सराहनीय रही। समारोह में संस्थान के सभी वैज्ञानिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

रिपोर्टर : राहुल राणा 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.