पूर्व सचिव के लॉगिन से जारी हुए 92 जन्म प्रमाण पत्र, जांच की मांग
चौपारण (हजारीबाग) : प्रखंड की सिंघरावां पंचायत में 22 अगस्त 2026 के बाद जारी किए गए 92 जन्म प्रमाण पत्रों को लेकर मामला गरमा गया है। वर्तमान पंचायत सचिव के प्रभार संभालने के बाद भी पूर्व पंचायत सचिव के लॉगिन आईडी से प्रमाण पत्र जारी किए जाने की बात सामने आने के बाद अनियमितता की आशंका जताई गई है। मामले में सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी, चौपारण ने थाना प्रभारी को पत्र भेजकर प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया है।
बीडीओ की ओर से पत्रांक 1474, दिनांक 30 सितंबर 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि ग्राम पंचायत स्तर पर जन्म-मृत्यु का निबंधन एवं प्रमाण पत्र जारी करने के लिए संबंधित पंचायत सचिव को रजिस्ट्रार के रूप में अधिकृत किया जाता है। जिला सांख्यिकी कार्यालय, हजारीबाग के पत्रांक 313 के माध्यम से 22 अगस्त 2026 से वर्तमान तिथि तक सिंघरावां पंचायत से जारी जन्म प्रमाण पत्रों की सूची उपलब्ध कराई गई है।
पत्र के अनुसार, 22 अगस्त 2026 से केदार साव सिंघरावां पंचायत के पंचायत सचिव के प्रभार में हैं। जन्म-मृत्यु निबंधन के लिए नए पंचायत सचिव का लॉगिन आईडी तैयार करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसके बावजूद 22 अगस्त के बाद पूर्व पंचायत सचिव अनुरागिनी प्रिया के लॉगिन आईडी से 92 जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाने की बात सामने आई है।
मामले में पंचायत के प्रज्ञा केंद्र संचालक सह वीएलई नौशाद असगर की भूमिका भी प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताई गई है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व पंचायत सचिव की ओर से इस संबंध में प्रखंड कार्यालय को लिखित आवेदन दिया गया है।
बीडीओ ने आशंका जताई है कि वैध दस्तावेज, आवेदन और जांच प्रतिवेदन के बिना जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जाना नियमों के उल्लंघन अथवा फर्जीवाड़े से जुड़ा मामला हो सकता है। ऐसे में प्रमाण पत्र जारी करने की पूरी प्रक्रिया, संबंधित लॉगिन के इस्तेमाल और प्रमाण पत्रों के साथ संलग्न दस्तावेजों की जांच आवश्यक बताई गई है। सामुदायिक अस्पताल, चौपारण से निर्गत जन्म संबंधी दस्तावेजों की जांच को भी महत्वपूर्ण बताया गया है।
मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ गई है कि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। बीडीओ के पत्र में जन्म प्रमाण पत्रों के संभावित दुरुपयोग की आशंका भी जताई गई है। अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि 22 अगस्त के बाद पूर्व पंचायत सचिव के लॉगिन से जारी हुए 92 प्रमाण पत्र किस प्रक्रिया के तहत जारी किए गए और इनमें कितने प्रमाण पत्र नियमों के अनुरूप हैं।
प्राथमिकी के लिए आवेदन दिए जाने के बाद सिंघरावां पंचायत से लेकर संबंधित विभागीय स्तर तक हलचल तेज हो गई है।
रिपोर्टर : अमित सिंह

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